bhaskar Web English
HomeNewsMetrosIndore Indore

मनमानी में फंसी लिफ्ट

इंदौर:

एमवाय अस्पताल में बुधवार सुबह 10 बजे लिफ्ट चालक और मरीज के रिश्तेदारों में विवाद के बाद आधे घंटे तक लिफ्ट बंद कर दी गई। इससे लिफ्ट में जाने वाले मरीज खासे परेशान हुए। दोनों पक्ष अधीक्षक चंद्रहास कुलकर्णी के पास पहुंचे जिसके बाद झगड़ा समाप्त हो सका।

ट्रक की टक्कर से घायल हुई रमा वर्मा को उसके परिजन इलाज के लिए एमवाय अस्पताल लाए थे। उसे तीसरी मंजिल से ग्राउंड फ्लोर पर लाना था। लिफ्ट चालक ओंकार ने उन्हें अगले राउंड में नीचे ले जाने की बात कही। इस पर महिला के पति राजेश व उसकी बहनों की ओंकार से कहा-सुनी होने लगी। स्थिति मारपीट तक आ गई। लोगों ने बीच-बचाव कर मरीज को लिफ्ट में बैठाया।

नीचे आकर फिर दोनों पक्षों में बहस शुरू हुई और वे अपशब्द तक कहने लगे। राजेश ने बताया मेरी पत्नी के सीधे हाथ व मुंह पर काफी चोट आई है। हमें ओंकार ने तीसरी मंजिल पर जाते समय भी काफी देर खड़ा रखा था। वह उन लोगों को ले जा रहा था जो मरीज ही नहीं थे। मैंने जब उससे कहा तो गालियां देने लगा। ओंकार के मुताबिक लिफ्ट में भीड़ थी जिस कारण मैंने उन्हें मना किया।

अधीक्षक ने कहा- बोलो ‘स्वारी’
एमवाय अस्पताल के अधीक्षक चंद्रहास कुलकर्णी के पास दोनों पक्ष पहुंचे तो उन्होंने समझौता करा दिया। उन्होंने राजेश व ओंकार से एक-दूसरे को ‘स्वारी’ बोलने के लिए कहा। जब ‘स्वारी’ का आदान-प्रदान हुआ तब वे बाहर चले गए।

दूसरे मरीज भी हुए परेशान
घटना के समय अन्य मरीज भी परेशान होते रहे। रमा स्ट्रेचर पर कराह रही थी। अन्य मरीजों को दूसरी लिफ्ट में जाना पड़ा। मरीज बी.एल. सोनी के साथ आए उनके पोते मनोज ने कहा लिफ्ट में नंबर से सभी को बैठाना चाहिए जो यहां हो नहीं रहा था।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: