कोटा:
अरफात पेट्रो केमिकल्स उद्योग में एक माह से ज्यादा समय से चला आ रहा श्रमिक विवाद अभी नहीं सुलझ पाया है। एक्रेलिक फाइबर प्लांट में बुधवार को दसवें दिन भी तालाबंदी रही। प्रबंधन ने नई कार्यपद्धति से उद्योग चलाने की बात कही है, जबकि दूसरी ओर सीटू ने तालाबंदी के खिलाफ गुरुवार को कलेक्ट्री पर सुबह 11 बजे संयुक्त धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है।
इस दौरान संयुक्त श्रम आयुक्त अंजना दीक्षित ने अरफात में शुरू हुए श्रमिक विवाद और तालाबंदी से लेकर अब तक की रिपोर्ट श्रम विभाग के प्रमुख शासन सचिव ललित के. पंवार को सौंप दी है। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात कोटा से जयपुर लौटते समय श्रम सचिव को अब तक की रिपोर्ट और वार्ताओं के दस्तावेज आदि दे दिए हैं।
संयुक्त श्रमायुक्त के मुताबिक तालाबंदी से पूर्व चार बार उनकी मध्यस्थता में अरफात प्रबंधन और सीटू के बीच वार्ता हो चुकी है। जबकि तालाबंदी के बाद दोनों पक्षों से दो बार अलग अलग वार्ता भी हो चुकी, लेकिन विवाद का हल नहीं निकल पाया। उल्लेखनीय है कि दस साल से बंद जेके उद्योग को अपनी सुपुर्दगी में लेने के बाद अरफात समूह ने पूर्व जेके कर्मियों को ही काम पर रखा है।
प्लांट चलेगा, लेकिन नए रूप में
अरफात के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एस. यू. खान ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि अरफात समूह उद्योग को अधिक संवेदनशील एवं परिवर्तनशील बनाकर बेहतर कार्यक्षमता और और नई सोच से सफलता की ऊंचाई पर ले जाना चाहता है, लेकिन कुछ श्रमिक कर्मचारियों के नकारात्मक दृष्टिकोण, ड्यूटी में कुछ ही घंटे काम करने और अधिकारियों के निर्देशों को नहीं मानने से आज यह स्थिति पैदा हो गई है।
अगर इस प्रवृति को नहीं बदला गया तो जेके की तरह यह उद्योग फिर से अपंग हो जाएगा। खान ने कहा कि प्रबंधन की कोशिश सभी श्रमिकों को सुरक्षित काम पर लाना है। उद्योग को नए नियम, नई कार्यपद्धति और वेतन बढ़ोत्तरी के साथ चलाना है, लेकिन श्रमिकों को उद्योग में अशांति फैलाने वाले तत्वों को नकारते हुए प्रबंधन से सीधा संवाद कायम करना है।