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तीन घंटे थमा रहा राजस्थान

जयपुर: strike रामसेतू बचाने के लिए आरएसएस एवं उसके संगठनों की ओर से बुधवार को किया गया चक्काजाम राज्य में सफल रहा। सभी जगह हल्की झड़पें हुई। जाम से जनजीवन तीन घंटे तक ठहरा रहा। इस दौरान रोड खाली नजर आए तो स्कूलों व कॉलेजों में छात्रों को उपस्थिति नगण्य रही। सरकारी कार्यालयों में आंशिक उपस्थिति रही। हाइवे पर जाम व वाहनों की कतारें लगी रही।

भीलवाड़ा में रामसेतु रक्षा मंच की ओर से आयोजित चक्काजाम के दौरान समर्थकों ने करीब दो घंटे तक इंटर सिटी एक्सप्रेस को रोके रखा। इन लोगों ने रेलवे स्टेशन पर जमकर हंगामा मचाया और नारे बाजी की। पटरियों पर टायर व कांटे जलाए। समर्थकों ने हंगामें का विरोध कर रहे लोगों पर पथराव कर आतंक भय फैला दिया। इसी तरह चार अन्य रेलों को समेलिया फाटक पर रोका। बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ में एक विद्यालय में छुट्टी नहीं करने पर जाम समर्थकों ने पथराव किया।

श्रीगंगानगर के सरतगढ बाईपास पर जाम समर्थकों व सीटू कार्यकर्ता भिड़ गए। दोनो और से लाठियां चलने से 6 लोगों के चोटे आई। पांच घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके बाद अस्पताल में पहुंचे काफी संख्या में लोगों के कारण माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

जयपुर: शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में प्रात: आठ से चक्का जाम सफल रहा। बाजार जाम समाप्त होने के बाद ही खुल पाए। जाम के दौरान मिनी बसे, रोडवेज, आटो रिक्शा एवं साइकिल रिक्शा सहित दो पहिया वाहन मुख्य बाजारों में प्रवेश नहीं कर पाए। कुछ लोगों ने पैदल ही चल कर रास्ते पार किए। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने स्टेशन पर पहुंच कर रेलों को रोका। बंद के दौरान मामूली कहा सुनी कई जगह हुई, लेकिन पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था होने से शांति रही।

जोधपुर: विहिप के आह्वान पर सुबह आठ बजे जो व्यक्ति एवं वाहन जहां था, वहीं ठहर गया। तीन घंटे बाद कोई वाहन नहीं चला। सरकारी व निजी वाहन 11 बजने का इंतजार करते रहे। सरकारी कार्यालयों में कर्मियों की संख्या कम रही। राजमार्गो पर जाम रहा। ट्रेने अपनी रफ्तार से चली,लेकिन रोडवेज नहीं चली।

उदयपुर: संभाग में जाम कुशलगढ को छोड़कर शांतिपूर्व सफल रहा। प्रात: आठ बजे बसे, ट्रक व अन्य वाहन नहीं चले।

कोटा: चक्का जाम के दौरान यहां ढाई घंटे तक रेलों के पहिए जाम रहे । कार्यकर्ताओं ने यात्री व माल गाड़ियों को आगे नहीं बढने दिया। समझाने के बाद कार्यकर्ता रेलों के आगे से नहीं हटे। इसके अलावा कोटा शहर सहित संभाग में शांति पूर्व जाम सफल रहा।

अजमेर: संभाग में भीलवाड़ा के अलावा अन्य स्थानों पर जाम शांति पूर्वक सफल रहा।वाहन चलने पर पाबंदी होने से सड़के सूनी रही। व्यावर में कार्यकर्ताओं ने तीन रेलों को रोककर प्रदर्शन किया। रोडवेज की सेवाएं तीन घंटे गुजर जाने के बाद ही चालू हो सकी। हाइवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रही।

बीेकानेर: शहर के अंदर से निकलने वाले सभी हाइवे पैदल चलने वालों के नाम तीन घंटे तक रहे। दस किलोमीटर दूर किए गए चक्काजाम की वजह से एक भी वाहन शहर में प्रवेश नहीं कर पाया। इसके अलावा रोडवेज व अन्य वाहन शहर में नहीं चले। जाम के दौरान अप्रिय घटना नहीं हुई।

श्रीगंगानगर: देश व्यापी चक्का जाम के तहत यहां तीन घंटे चक्काजाम सफल रहा। एक घटना को छोड़कर कुछ जगह तनाव की स्थिति बनी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को संभाल लिया।





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chandra praksh gilwani
Thursday, 13th Sep 2007, 9:27
mere khayal se jin logon ne shree ramayan ko ek kalpnik batay ahi unke khilaf sakht se sakht karwahi karni chahiyae aur unhe turnt prabhav se nilmbita karna chahiye or shree manmohan singh ji ko apna istifa dena chahiye.