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रफ्तार पर चार घंटे का ब्रेक

भोपाल:

राजधानी में श्रीरामेश्वरम राम सेतु रक्षा मंच के बैनर तले विभिन्न हिंदू संगठनों ने बुधवार को तीन घंटे तक 13 स्थानों पर चक्काजाम किया। इस दौरान जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ और लोग अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व दफ्तरों तक समय पर नहीं पहुंच सके । आंदोलन को देखते हुए कई स्कूलों में छुट्टी कर दी गई थी, और जो स्कूल खुले थे वहां उपस्थिति कम रही।

कुछ स्थानों पर आंदोलनकारियों की वाहन चालकों से मामूली झड़पें हरुई। आंदोलनकारी रामसेतु को तोड़ने के सरकारी प्रयासों का विरोध कर रहे थे। चक्काजाम तो सुबह 11 बजे खत्म हो गया, लेकिन इस दौरान तीन घंटे से रुके लोगों का सब्र टूट गया। इससे किलोल पार्क, बोर्ड आफिस चौराहा, एमपी नगर, बुधवारा में वाहन एक घंटे तक फंसे रहे।

सड़कों पर कार्यकर्ता:
राजधानी में सुबह आठ बजे से ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर आ गए थे। इनमें साधू-संत भी शामिल थे। इस वक्त लोग दफ्तर, स्कूल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जाते हैं। आंदोलन के कारण लोग अस्पतालों तक नहीं पहुंच सके। शहर की प्रमुख अस्पतालों पर जाने वाले रास्ते बंद थे और आंदोलनकारी किसी की नहीं सुन रहे थे। चक्काजाम वाले स्थानों पर बड़ी संख्या में वाहन फंसे हुए थे।

उन्होंने रायसेन से भोपाल आने वाले वाहनों को पिपलानी बीमा अस्पताल के सामने रोक दिया था। होशंगाबाद तरफ से आने वाले वाहनों को हबीबगंज अंडरब्रिज और चेतक ब्रिज पर खड़े कार्यकर्ताओं ने रोक लिया था। इस कारण डेयरी और विश्वविद्यालय रोड पर बड़ी संख्या में वाहन फंस गए थे। कोलार पुल पर भी कार्यकर्ता जम गए थे, जो तीन घंटे बाद हटे। इस दौरान पूरा कोलार उपनगर शहर से कट गया था। पुल के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग र्गई थी।

सुभाष यादव कमला पार्क पर फंसे
चक्काजाम के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष यादव का वाहन किलोल पार्क पर रोक लिया गया। श्री यादव को विमानतल पहुंचना था, वे दिल्ली जा रहे थे। श्री यादव ने आंदोलनकारियों का नेतृत्व कर रहे संघ के प्रांत संघ चालक शशिभाई सेठ से बात की। श्री सेठ ने कार्यकर्ताओं से कहकर श्री यादव के वाहन को जाने दिया।

गोयल की एएसपी से झड़प
प्रदेश कांग्रेस के गोविंद गोयल अपनी कार से बैरागढ़ तरफ जा रहे थे। उन्हें लालघाटी चौराहे पर रोक लिया गया। इस पर श्री गोयल ने वहां खड़े अन्य लोगों से कहा कि यह तो गुंडागर्दी है। लोगों को जबर्दस्ती रोका जा रहा है। उन्हें जरूरी काम से जाना है।

वे भी कुछ लोगों के साथ वहां बैठ गए। वहां खड़े एएसपी (यातायात) अरविंद सक्सेना ने उनसे गांधी नगर होते हुए जाने के लिए कहा। इस बात पर दोनों में बहस हो गई। बाद में श्री गोयल ने चक्काजाम कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोहेफिजा थाने में शिकायत की।

चलते रहे भजन
आंदोलनकारियों ने चक्काजाम के दौरान मुख्य सड़कों पर बैठकर भजन किए। पुलपुख्ता पर प्रभारी बनाए गए इंदल सिंह सेंगर ने यहां भाषण दिया। बाद में तीन घंटे तक यहां सुंदरकांड का पाठ हुआ। न्यूमार्केट में मप्र समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष उषा चतुर्वेदी के साथ महिलाएं ढोलक-मंजीरों के साथ भजन करती रहीं।

पुलिस ने लगा दिए थे बैरीकेड्स
चक्कामजाम के मद्देनजर पुलिस ने मंगलवार की रात में ही सभी तेरह स्थानों पर बैरीकेड्स की व्यवस्था कर रखी थी। सुबह जैसे की चक्काजाम शुरू हुआ पुलिस ने बैरीकेड्स लगाकर यातायात परिवर्तित कर दिया था।

परिवर्तित मार्र्गो से चले वाहन
यातायात परिवर्तित होने से अन्य रास्तों पर भी जाम की स्थिति बनी रही। यहां से वाहनों को निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। रोशनपुरा पर वाहन रोके जाने के कारण यातायात टीनशेड से रंगमहल सिनेमा चौराहा होते हुए निकाला गया। लेकिन किलोल पार्क पर रास्ता बंद होने के कारण कोई वाहन आगे नहीं बढ़ पाए।

एमपी नगर से भेल जाने वाले वाहन चालकों को गौतम नगर रचना नगर से निकाला गया। यहां सड़कें संकरी होने के कारण काफी दिक्कतें र्आई। यही हाल लिली सिनेमा चौराहे से बरखेड़ी जाने वाले वाहनों का हुआ। बोगदापुल पर भी बड़ी संख्या में वाहन फंस गए थे। इन वाहनों को अशोका गार्डन से स्टेशन होते हुए निकाला गया।

हजार पुलिसकर्मी थे मैदान में
चक्काजाम आंदोलन के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए एक हजार पुलिसकर्मी लगाए गए थे। इसमें विशेष सशस्त्र बल की एक कंपनी भी शामिल है। पुलिस को सबसे ज्यादा मशक्कत यातायात परिवर्तन में करनी पड़ी। पुलिस ने देर शाम कुछ लोगों के खिलाफ ट्रैफिक बाधित करने का मुकदमा कायम किया है। लेक्टर आरके माथुर और एसपी अनंत कुमार सिंह पुलिस कंट्रोल रूम में बैठकर जानकारी लेते रहे।

स्कूली बच्चों की बस फंसी
हबीबगंज रेलवे क्रासिंग के पास आईपीएस स्कूल की एक बस वाहनों के बीच फंस गई। बस में बैठे बच्चे गर्मी और वाहनों के शोर में काफी देर तक परेशान होते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रेलवे क्रासिंग का गेट बंद होने से यह स्थिति बनी।

चक्काजाम में फंसी एयरटेल की उप महाप्रबंधक हेमलता शर्मा ने बताया कि वे अपनी गाड़ी से उतर कर बच्चों की बस में गईं और उनसे बातचीत की। बस में बैठे छोटे- छोटे बच्चे काफी घबराए हुए थे। रेलवे क्रासिंग का गेट खुलने के बाद पुलिस कर्मियों ने बमुश्किल बस को अन्य वाहनों के बीच में से निकाल कर स्कूल की ओर रवाना किया।

घायल युवती हुई परेशान
चक्काजाम के दौरान साकेत नगर में रहने वाली राबिया एक गाय से टकरा कर गिर गई थी। एसबीआई कार्ड में नौकरी करने वाली राबिया के चेहरे पर चोट आई थी। चक्काजाम में लगी वाहनों की कतार के कारण वह अस्पताल नहीं पहुंच पा रही थी। एक अनजान व्यक्ति ने उसे अपनी कार में कस्तूरबा अस्पताल पहुंचाया और उसके परिजनों को बुलाया। उनके आने के बाद ही वे वहां से रवाना हुए। परिजनों को उन्होंने अपना नाम एस भारद्वाज बताया।

सड़क संपर्क टूटा
किलोल पार्क पर रास्ता बंद होने के कारण नए शहर का पुराने शहर से सड़क संपर्क टूट गया था। यही स्थिति पुलपुख्ता स्थित काली मंदिर पर जाम के कारण बनी। यह सड़क हमीदिया और सुल्तानिया अस्पताल को जाती है। इस कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

कैंची छोला रेल क्रासिंग पर बैठे कार्यकर्ताओं ने रास्ता जाम किया तो भानपुर तक वाहनों की कतार लग गई। निशातपुरा-नारियलखेड़ा के लोगों ने देवकी नगर फाटक औैर डीआईजी बंगला चौराहे पर वाहनों को रोके रखा। बस स्टैंड चौराहा, भवानी चौक चौराहा, पुल बोगदा, हलालपुर, रोशनपुरा चौराहा पर भी वाहन रोके गए।

गायें सड़क पर
बस स्टैंड चौराहे पर आंदोलनकारियों के साथ बैठी अनेक गाय लोगों की उत्सुकता का विषय रहीं। सूखी सेवनिया स्थित गौशाला से लाई गई इन गायों के लिए चार ट्रालियों में चारा भी लाया गया था। यहां प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष विश्वास सारंग और विहिप के जिला अध्यक्ष दिलीप खंडेलवाल कर रहे थे। आंदोलन समाप्त होने के बाद गायों को गौशाला भेज दिया गया।

मीडिया से मारपीट
हलालपुर में आयोजित चक्काजाम का कवरेज करने गए मीडियाकर्मी र्दुव्‍यवहार के शिकार हो गए। इस दौरान भाजपा नेता और पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बने रहे। चक्काजाम का कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों को रोक दिया गया। कुछ कार्यकर्ताओं ने कहा कि आप लोगों को किसने बुलाया है, जाओ यहां से।

वहां मौजूद पत्रकारों ने इसका विरोध किया तो विक्रांत एवं केवल टहिल्यानी नामक कार्यकर्ता मारपीट पर उतारू हो गए। कार्यकर्ताओं के हुजूम ने पत्रकारों से धक्कामुक्की, मारपीट और गाली-गलौच की। संयोग से इस घटनाक्रम के दौरान भाजपा के संगठन महामंत्री माखनसिंह चौहान समेत भाजपा और सहयोगी संगठनों के तमाम नेता वहां मौजूद थे। प्रेस क्लब ने इसकी शिकायत कोहेफिजा थाने में की है।





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