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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर:
श्रीराम सेतु को बचाने के लिए हिंदू संगठन बुधवार को सड़कों पर उतर आए। शहर के आठ प्रमुख चौराहों पर सुबह 8 से 11 बजे तक चक्काजाम किया। इस दौरान भजन, कीर्तन और नारे गूंजते रहे। जाम की वजह से लोग परेशान जरूर हुए, पर यह एक दिवसीय आंदोलन शांतिपूर्ण रहा।
विश्वहिंदू परिषद, बजरंगदल, धर्मसेना, भाजयुमो और अन्य मोर्चा-संगठनों के पदाधिकारी सुबह से सड़कों पर उतर आए थे। उनके साथ ढोल मंजीरे के साथ भजन मंडली भी मौजूद थी। भगवा झंडे लहरा रहे थे। रामभक्त भी केसरिया रंग में रंगे थे। प्रदर्शनकारियों ने शहर को आठ सेक्टर में बांटा था। इसके लिए पूरी योजना राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारक रामदत्त चक्रधर ने बनाई थी।
प्रदर्शन की योजना इतनी सटीक थी कि प्रत्येक पदाधिकारी से लेकर कार्यकर्ता तक को यह मालूम था कि उसे कहां और कितने बजे पहुंचना है। जयस्तंभ चौक पर विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख रमेश मोदी और बजरंग दल के अध्यक्ष घनश्याम चौधरी ने कमान संभाली।
धर्मसेना के महानगर अध्यक्ष किशोर कोठारी व भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने लोधीपारा में धरने का नेतृत्व किया। पचपेढ़ीनाका चौक, तेलीबांधा रिंगरोड चौक, टिकरापारा संतोषीनगर चौक, टाटीबंध चौराहा और रायपुरा चौक पर भी तीन घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया गया। जयस्तंभ चौक का आधा जत्था रेलवे स्टेशन गया था। करीब सवा घंटे तक स्टेशन पर प्रदर्शन करते हुए वहां गाड़ियां रोकी र्गई।
प्रदर्शनकारी सुबह 7 बजे से ही प्रदर्शनस्थल पहुंचने लगे थे। करीब 7.45 बजे तक भजन मंडलिया भी अपने तामझाम के साथ पहुंच गइर्ं। सुबह 8 बजते ही प्रदर्शकारियों ने योजनाबद्घ तरीके से चौराहों के चारों ओर इस तरह घेरा बनाया कि सभी दिशाओं से आने वाले रास्ते जाम हो गए। थोड़ी देर नारेबाजी करने के बाद प्रदर्शनकारी बैठ गए। भजन मंडली वालों ने कीर्तन शुरु कर दिया। थोड़ी देर में ही पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
ब्लाक ही ब्लाक
शहर की धड़कन मानी जाने वाली जीई रोड पर जयस्तंभ, तेलीबांधा और टाटीबंध चौक पर चक्काजाम होने से पूरे शहर का ट्रैफिक अस्त-व्यस्त हो गया। हालात सुबह 9.30 बजे के बाद तब बिगड़े जब लोगों के दफ्तर और बच्चों के स्कूल जाने का समय हुआ। प्रदर्शन से बेखबर आमजन रोज की तरह इस रास्ते पर आते गए और जाम में फंसते चले गए।
जयस्तंभ से आमापारा की ओर करीब आधा किलोमीटर दूर तक ट्रैफिक जाम था। हालांकि लोग बाईपास का उपयोग कर किसी तरह अपने गंतव्य जाने का प्रयास कर रहे थे। यही हाल जयस्तंभ चौक से शास्त्रीचौक और फाफाडीह चौक की ओर था। मालवीय रोड की ओर से आने वाले रास्ता बदलकर चले जा रहे थे। इससे बाईपास सड़कें ठसाठस हो गई थीं।
पुलिस ने भीड़ को शारदा चौक से एमजीरोड की ओर डायवर्ट किया था। एमजीरोड से केके रोड तरफ जाने वाली पांचों बाइपास में थोड़ी-थोड़ी देर में जाम लग रहा था। मालवीय रोड का बाजार खुलने के बाद कोतवाली तक जाम लग गया। लोग सदरबाजार और छोटापारा की बाईपास सड़कों का उपयोग करते हुए आगे बढ़े। भीड़ का दबाव बढ़ जाने के कारण घड़ी चौक पर हर तरफ से जाम लग रहा था।
स्टेशन पर अफरातफरी
प्रदर्शनकारियों की भीड़ चक्काजाम करने के बाद सीधे स्टेशन पहुंची। भाजपा अध्यक्ष राजीव अग्रवाल के नेतृत्व में लगभग 100 लोगों की भीड़ प्लेटफार्म नंबर एक के नीचे रेलवे ट्रैक पर लेट गई। प्लेटफार्म नंबर दो पर बाजू वाली पटरी पर पुरी-अहमदाबाद सुपरफास्ट खड़ी थी। जैसे ही सिग्नल ग्रीन हुआ, भीड़ इंजन की तरफ दौड़ पड़ी। सभी इंजन के सामने खड़े हो गए। कुछ लोग तो झंडे लेकर इंजन के ऊपर ही खड़े हो गए।
आरपीएफ-जीआरपी के अलावा रेलवे अधिकारियों को भी इसकी खबर नहीं थी। भीड़ के स्टेशन में प्रवेश करते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। प्लेटफार्म पर खड़े यात्री इधर-उधर भागने लगे। आरपीएफ और जीआरपी के जवान भी मौके पर पहुंच गए। पुरी-अहमदाबाद सुपरफास्ट करीब 25 मिनट तक रोकी गई। इस ट्रेन के यात्री भी बाहर उतर आए थे।
इसी दौरान एक खाली इंजन प्लेटफार्म नंबर एक से गुजर रहा था, उसे भी प्रदर्शनकारियों ने रोक दिया। सभी इंजन के सामने लेट गए और ड्राइवर को ब्रेक लगाना पड़ा। इसके बाद प्लेटफार्म नंबर 3 पर अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस आई। 10 मिनट बाद जब यह ट्रेन छूटने लगी तो इसे भी रोका दिया गया। लेकिन 11 बजे के बाद सभी सामने से हट गए और वापस नारेबाजी करते हुए स्टेशन से बाहर आ गए।
आउटर में ट्रकों की कतारें
संतोषीनगर चौक, रायपुरा चौक, तेलीबांधा, भनपुरी और लोधीपारा चौक ब्लाक हो जाने से शहर के आउटर पर ट्रकों की लंबी कतार लग गई थीं। संतोषीनगर चौक से रायपुरा तक ब्लाक था। टाटीबंध से रायपुरा चौक का रास्ता भी पूरी तरह बंद रहा। भिलाई से आने वाले ट्रकों और बसों को टाटीबंध चौराहे पर रोका गया।
जगदलपुर और बलौदाबाजार से आने वाली गाड़ियों को पचपेढ़ीनाका चौक और लोधीपारा चौक पर रोकना पड़ा। बिलासपुर से आने वाली गाड़ियों के चक्के भी भनपुरी चौराहे के पहले ही जाम हो गए। सुबह 11 बजे के बाद रास्ता खुलने के बाद भी ट्रैफिक पूरी तरह सामान्य होने में दो घंटे लगे। पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी थी।
परीक्षा तक रद्द
दर्जनों स्कूल के बच्चे भी जाम में फंसे रहे। सुबह 9 बजे से लगने वाले ज्यादातर स्कूलों में छुट्टी दे दी गई। गिनती के बच्चे ही स्कूल पहुंच सके थे। बैरन बाजार स्थित होलीक्रास स्कूल में तिमाही परीक्षा का पर्चा कैंसिल कर दिया गया। बच्चों की परीक्षाएं अब 25 सितंबर को ली जाएंगी। महर्षि विद्या मंदिर, एमजीएम, होलीक्रास कापा, सालेम स्कूल, लिटिल फ्लावर आदि स्कूल के सैकड़ों बच्चे जाम में फंसे रहे।
मरीजों की हालत खराब
आंबेडकर अस्पताल पहुंचने में भी लोगों को खासी असुविधा हुई। एक गर्भवती महिला एंबुलेंस से डा. भीमराव आंबेडकर अस्पताल लाई जा रही थी। उसकी गाड़ी शारदा चौक के पास फंस गई। आंबेडकर अस्पताल की ओपीडी का समय सुबह 8 से 1 बजे तक होने के कारण मरीज भी अपने घरों से उसी समय निकले जब जाम शुरु हुआ। जाम में फंसे मरीज देर से अस्पताल पहुंचे। ज्यादातर मरीजों का इलाज नहीं हो सका और उन्हें लौट जाना पड़ा।