अजमेर:
दरगाह कमेटी अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय खोलने पर गंभीरता से विचार कर रही है। बुधवार को अल्पसंख्यक मामलात मंत्री ए आर अंतुले ने दिल्ली में हुई शिष्टाचार बैठक में नवनियुक्त कमेटी सदस्यों से भी राय मांगी है। अंतुले ने कमेटी सदस्यों से दरगाह विकास, शैक्षिक उत्थान और जायरीन की सुविधा के लिए बेहतर काम करने की अपेक्षा की। बैठक में शामिल कमेटी के एक सदस्य ने ‘भास्कर’ को बताया कि मंत्रालय की बैठक में प्रस्तावित विश्वविद्यालय के बारे में सदस्यों को जानकारी दी गई।
बैठक में मंत्री अंतुले ने कहा कि जिस तरह तिरुपति बालाजी मंदिर प्रबंधन समिति मंदिर में आई दान राशि को शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च कर रही है, कुछ ऐसी ही अपेक्षा मंत्रालय को ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह की प्रबंधन कमेटी से है।
शिक्षा के साथ ही जायरीन की सहुलियतों के लिए काम करने की अपेक्षा भी उन्होंने सदस्यों से की। अंतुले ने जायरीन के लिए अब तक शौचालय की व्यवस्था नहीं होने पर अफसोस जताया। सदस्यों से इस काम को भी प्राथमिकता में शामिल करने की सलाह दी। न्होंने कहा कि पिछली कमेटी की आपसी फूट व लड़ाई-झगड़ों तथा खादिमों के व्यवहार से दरगाह के संबंध में देश भर में गलत संदेश गया। नई कमेटी का गठन कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जायरीन के साथ हो रहे बुरे बर्ताव को रोकने के लिए भी कमेटी को उपाय करना चाहिए। उन्होंने कहा कि खादिमों को भी समझाकर जायरीन की सुविधा के लिए काम करना चाहिए। परिसर में अतिक्रण के मामले हैं, कुछ दुकानें अनधिकृत हैं। इनके बारे में भी लोगों को काउंसलिंग कर माहौल बदलना चाहिए।
मंत्री के मुताबिक मंत्रालय ने नई कमेटी में शिक्षित और युवा व्यक्तियों को मौका दिया है। दरगाह और जायरीन की सुविधाओं के लिए एक ड्राफ्ट तैयार करने की भी बात कही। ख्वाजा गरीब नवाज की अमली जिंदगी के प्रचार-प्रसार के लिए साहित्य प्रकाशन के बारे में भी विचार-विमर्श किया गया। देर रात तक चली बैठक दरगाह नाजिम अहमद रजा ने उनके कार्यकाल में कमेटी के 30 लाख रुपए बचाए जाने की भी जानकारी दी।