मुंबई. दक्षिण भारत में कई आतंकवादी हमलों के पीछे मास्टरमाइंड शाहिद बिलाल की मौत के कारण उसके प्रमुख सहयोगी अबू हम्जा को बांग्लादेश से पकड़ने की भारत की कोशिशें एक बार फिर मुश्किल में घिर गई हैं।
इंटेलीजेंस के सूत्रों के मुताबिक यह बांग्लादेशी आतंकवादी ढाका में सुरक्षा बलों की हिरासत में है। गत 25 अगस्त को हैदराबाद में हुए बम विस्फोटों के तुरंत बाद भारतीय एजेंसियों ने बांग्लादेश को सूचना दी थी कि मक्का मस्जिद धमाकों के तार भी बांग्लादेश से सीधे जुड़े हुए हैं और भारत में बांग्लोदश से 10 किग्रा आरडीएक्स तस्करी के जरिए लाया गया है। इस सूचना के कुछ ही दिनों के बाद अबू हम्जा को गिरफ्तार कर लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक तस्करी कर लाए गए आरडीएक्स में से 800 ग्राम का इस्तेमाल मस्जिद में किए गए धमाकों के लिए किया गया है लेकिन बाकी कहां है, इसका अब तक पता नहीं चला है। सूत्रों ने कहा कि 30 अगस्त को कराची में बिलाल की मौत के बाद हम्जा को पकड़ने की कवायद पर भारत को एक और झटका लगा है।
सबसे पहले तो इंटेलीजेंस अधिकारियों से एक रणनीतिक चूक हुई कि उन्होंने बांग्लादेश में हम्जा की गिरफ्तारी की खबर मीडिया में जारी कर दी। इस खबर के फैलते ही बांग्लादेश पर अपने एक नागरिक को भारत को सौंपने के लिए दबाव बन गया। और अब, दूसरी मुश्किल हो गई बिलाल की मौत से, सूत्रों का कहना है कि ढाका पर दबाव पाकिस्तान की आईएसआई के जरिए भी बनना तय था।
गौरतलब है कि बेंगलोर और हैदराबाद में दहशत फैलाने वाला अबू हम्जा बिलाल के नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण लिंक है।