उदयपुर/ऋषभदेव:
ऋषभदेव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. कालूलाल मीणा को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने गुरुवार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। डॉ. मीणा पर सरकारी अस्पताल में अवैध रूप से गर्भपात कराने का आरोप है।
एएसपी (एसीबी) राजेंद्र प्रसाद गोयल ने बताया कि डॉ. कालूलाल मीणा के खिलाफ खेरवाड़ा निवासी बबलू उर्फ फिरोज खान पुत्र हमीद खान ने उसकी पत्नी शाहिना का गर्भपात करवाने के लिए 700 रुपए की रिश्वत मांगने की शिकायत की। बुधवार को जब बबलू पत्नी के साथ डा. मीणा के पास गया, तो उन्होंने गर्भपात करने के लिए सात सौ रुपए मांगे, लेकिन बबलू के पास पांच सौ रुपए ही थे। डॉ. मीणा ने सात सौ रुपए नहीं देने पर गर्भपात करने से इनकार कर दिया।
ब्यूरो ने बुधवार को इस आरोप की पुष्टि कर ली। बबलू गुरुवार शाम चार बजे एसीबी द्वारा दिए गए सौ-सौ रुपए के सात नोट लेकर डॉ. मीणा के ऋषभदेव स्थित मकान पर पहुंचा, जहां डॉ. मीणा ने रिश्वत राशि ले ली तथा उसकी पत्नी का गर्भपात करवाने के लिए अस्पताल में आकर मिलने को कहा। इसी दौरान एसीबी की टीम इंस्पेक्टर सुंदरलाल सोनी, हेड कांस्टेबल हिम्मतसिंह, कांस्टेबल जितेंद्र, भोरेलाल, सुखदेव व सत्यप्रकाश ने डॉ. मीणा को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। उसकी पेट की दाहिनी जेब व पर्स पर भी कलर लग रहा था।
उल्लेखनीय है कि डा. कालूलाल मीणा 23 मार्च, 05 से राजकीय सेवा में है। डा. मीणा कोटसुवा (कोटा) का रहने वाला है।
अवैध रूप से कराता था गर्भपात
बबलू की पत्नी शाहिना के एक वर्ष की पुत्री है तथा दूसरा गर्भ भी जल्दी ठहर गया। इसलिए वह गर्भपात चाहती थी। इन लोगों ने डॉ. मीणा से संपर्क किया, जो अस्थि रोग विशेषज्ञ होने के बावजूद गर्भपात करता था। डा. मीणा को न तो स्त्री रोगों के बारे जानकारी है और ना ही उसने एमटीपी कोर्स कर रखा है। प्रारंभिक पूछताछ में डॉ. मीणा ने अब तक दस गर्भपात करना स्वीकार किया है। ब्यूरो टीम ने अस्पताल का प्रसव पंजिका रजिस्टर भी जब्त कर लिया है।