इंदौर. केंद्र सरकार द्वारा रामायण व राम के संबंध में पेश हलफनामे के खिलाफ राजबाड़ा पर प्रदर्शन के दौरान पुतला जलाते समय एक कार्यकर्ता झुलस गया। उसे पास के ही निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
विहिप सहित विभिन्न संगठनों के आह्वान पर राजबाड़ा में शाम साढ़े छह बजे बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए। वे रामसेतु को लेकर केंद्र सरकार द्वारा राम व रामायण के संबंध में प्रस्तुत हलफनामे का विरोध कर रहे थे। कार्यकर्ता केंद्र सरकार से इस्तीफे की मांग भी कर रहे थे।
देर तक नारेबाजी के बाद कार्यकर्ताओं ने सोनिया गांधी का पुतला जलाया। इसे लेकर राजबाड़ा चौकी पर मौजूद जवानों के साथ उनकी हलकी झूमाझटकी भी हुई। कार्यकर्ता पुतला जलाने में कामयाब हो गए।
इसी बीच हुकुमचंद कॉलोनी निवासी ललित राठौर दूसरा पुतला लेकर आया। उसके हाथ में पेट्रोल में भीगा कपड़ा भी था। जैसे ही वह जलते हुए पुतले के पास आया कपड़े ने आग पकड़ ली। इससे उसका मुंह व बाल झुलस गए। उसे तत्काल पास ही में स्थित निजी हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया।
विहिप विरक्त मंडल साधु समाज के महंत घनश्यामदास महाराज ने बताया राम को नकार कर केंद्र सरकार ने हमारी संस्कृति को ही चुनौती दी है। राम हिंदू समाज के इष्ट और श्रद्धा का केंद्र हैं उसके अस्तित्व को नकार कर सरकार ने हमारी भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। इसी को लेकर प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता झुलसा है उसकी स्थिति ठीक है।