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तोड़ दिया और छोड़ दिया

रायपुर. नगर निगम फाफाडीह चौक से स्टेशन चौक, इसी चौक से भनपुरी चौक, लाखेनगर चौक से रायपुरा चौक और तेलघानीनाका चौक से अग्रसेन चौक तक की सड़क पर तीन साल पहले चौड़ीकरण शुरू किया, लेकिन कुछ दिन तक अभियान चलाने के बाद उसी हालत में छोड़ दिया। नतीजा ये हुआ है कि हटाए गए ज्यादातर कब्जे आकार लेने लगे हैं। हालांकि यह छोटे पैमाने पर ही है, लेकिन इन कब्जों के जल्द दुकानों में तब्दील होने के आसार हैं।

भास्कर ने ऐसे मार्गो का जायजा लिया, जहां निगम ने दो-तीन साल पहले तोड़फोड़ शुरू की थी। स्टेशन चौक से फाफाडीह चौक के बीच की कार्रवाई सबसे महत्वपूर्ण मानी गई थी। स्टेशन चौक से शुरू हुई कार्रवाई एक प्रमुख होटल तक आकर रोक दी गई। तीन दुकानों को लेकर ऐसा विवाद उपजा कि नगर निगम उस वजह से कई और कब्जे नहीं हटा पाया।

यह मामला अब तक उलझा हुआ है। उस मार्ग पर 70 कब्जे या तो हटाए या पीछे किए गए थे। कुछ कब्जे रह गए, इसलिए पीछे हुए लोग फिर सड़क पर आने लगे हैं। इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश न तो नगर निगम ने ही की है और न ही जिला प्रशासन ने।

फाफाडीह चौक से भनपुरी
जबर्दस्त विवाद और नाटकीय घटनाक्रमों के बीच नगर निगम ने छोटी लाइन क्रासिंग के पास कब्जे डेढ़ साल पहले हटाए। उसके बाद वहां से निगम का अमला ऐसा हटा कि दोबारा नहीं लौटा। ताजा सूरतेहाल ये है कि जहां कब्जे हटे थे, वहां कई दुकानें अस्थायी तरीके से शुरू हो गईं।

लोगों का कहना है कि हटाते समय निगम ने वादा किया था कि उसी मार्ग पर मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत दुकानें दी जाएंगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। निगम अफसरों ने बताया कि वे दुकान बनाने की तैयारी कर रहे थे, तभी रेलवे जमीन पर दावा ठोंक दिया। इस वजह से मामला अटका और सड़क अब तक ढंग से चौड़ी नहीं हो सकी।

लाखेनगर से रायपुरा चौक
नगर निगम ने चार माह पहले लाखेनगर से सुंदरनगर चौक तक दो दर्जन गुमटियां हटाईं, लेकिन चौड़ाई बढ़ाने का मामला पीएचई की पाइप लाइन तथा दूसरे विभागों के अधूरे कार्यो को लेकर अटक गया। सिटी भास्कर टीम ने पाया कि जहां से कब्जे हटे थे, वहां अब ठेले फिर नजर आने लगे हैं।

नगर निगम और पीडब्लूडी के अफसरों ने दावा किया कि बारिश के बाद काम शुरू किया जाना है। उनके पास इस सवाल का जवाब नहीं है कि काम नहीं शुरू करना था, तब चार माह पूर्व कब्जे हटाए ही क्यों गए?

मानने के लिए तैयार नहीं
निगम अधिकारी तोड़फोड़ के बाद चौड़ाई नहीं बढ़ाने की बात मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मार्र्गो का चौड़ीकरण अधूरा है, लेकिन प्रोजेक्ट रोका नहीं गया। फाफाडीह चौक से वाल्टेयर लाइन क्रासिंग, फाफीडीह चौक से स्टेशन चौक, फाफाडीह चौक से देवेन्द्रनगर तिराहा, तेलघानी नाका चौक से अग्रसेन चौक, आमापारा चौक से शारदा चौक के बीच कब्जे हटाए हटाए जा रहे हैं। यहां चौड़ीकरण भी होगा।

मालवाहन पार्किग में उपयोग
तेलघानी चौक से अग्रसेन चौक के बीच सड़क का बड़ा हिस्सा चौड़ा तो कर दिया गया, लेकिन बढ़ी हुई चौड़ाई का उपयोग नगर निगम नहीं कर सका। नतीजतन, व्यापारियों ने इसका इस्तेमाल पार्किग के लिए शुरू कर दिया है।

डिवाइडर के एक ओर मालवाहन और दोपहिया पार्क देखे जा सकते हैं। आवाजाही सिर्फ एक ओर से लगती है। यही मार्ग आमापारा के पास जीई रोड से मिलता है। यहां भी सुबह-शाम डिवाइडर के एक ओर बाजार लगता है।

>> अधूरी इच्छाशक्ति के कारण निगम अपने किसी अभियान को पूरा नहीं कर सका। शहरवालों को सहूलियत नहीं मिली। लगता है, कब्जे सिर्फ कुछ लोगों को परेशान करने के लिए हटाए जा रहे हैं।
प्रमोद दुबे, प्रवक्ता, कांग्रेस पार्षद दल

>> निगम ने किसी योजना को अधूरा नहीं छोड़ा। कार्य में कुछ बाधाएं जरूर आईं, लेकिन इन्हें दूर करने की कोशिश चल रही है। इसके तुरंत बाद चौड़ीकरण का काम शुरू किया जाएगा।
जितेन्द्र शुक्ला, कमिश्नर, नगर निगम





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