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रायपुर की 5 दवाएं पेटेंट की दावेदार

रायपुर. पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट आफ फार्मेसी ने इंडियन पेटेंट आफिस को पांच दवाओं का आइडिया भेजा है। पेटेंट दफ्तर ने प्रारंभिक आवेदन स्वीकार कर लिया और इन दवाओं के रिसर्च के प्रमाण, आब्जर्वेशन और रिजल्ट मांगे हैं। रविवि के फार्मासिस्टों का दावा है कि उनका फामरूला नया और प्रभावी है।

इंडियन पेटेंट कार्यालय इन प्रयोगों और रिजल्ट से संतुष्ट रहा, तो एक साल के भीतर पांचों आइडिया पेटेंट कर दिए जाएंगे। रविवि के फार्मेसी संस्थान ने 2003 से इन पर काम शुरू किया। उनका दावा है कि पांचों फामरूले गंभीर रोगियों को ज्यादा रिलीफ देंगे।

शोध छात्र कमलेश दसोरा ने बताया कि पहली दवा में न्यूरोलाजिकल, स्पाइनल कार्ड इंजुरी, मसल स्पास्टीसिटी, गठिया और शरीर की अकड़न के बेहतर इलाज की क्षमता है। इन बीमारियों की कुछ दवाओं को दिन में 9-10 बार खाना होता है।

इससे छुटकारे के लिए एक दवा बनाई जा रही है। यह एक टेबलेट लंबे समय तक राहत देगी। शरीर में इस दवा के गुण मौजूद रहेंगे और शरीर जरूरत के हिसाब से इनका इस्तेमाल करता रहेगा।

इन पांचों दवाओं की प्रिंसिपल इंवेस्टीगेटर डा. स्वर्णलता सराफ हैं। उन्होंने बताया कि दूसरा फामरूला कासमेटिक हर्बल क्रीम पर है। तीसरा फामरूला आयुर्वेदिक दवाओं की क्वालिटी का पैमाना है। इसमें दवा की क्वालिटी के पैरामीटर बनाए गए हैं। ये मापदंड बताते हैं कि कोई दवा कितनी उपयोगी है। चौथा फामरूला डाइबिटीज के लिए है।

इसका फामरूला भी ऐसा है कि मरीज को बार-बार दवा लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस शोध में फार्मेसी विभाग के प्रमुख डा. शैलेंद्र सराफ के साथ शोध छात्र महेंद्र सिंह आसावत, गोपाल गर्ग, करुणाकर शुक्ला और शैलेंद्र जैन हैं। उनका कहना है कि दवा का डोज कम होने से दुष्प्रभाव भी कम होंगे।

कैसे होता है पेटेंट
हर देश में पेटेंट का अलग-अलग दफ्तर होता है। भारत में इसके चार दफ्तर हैं। आवेदन की प्रक्रिया जटिल रहती है। किसी भी आइडिया या शोध को पेटेंट कराने में 5-7 साल लग जाते हैं। दावा करने वाला रिसर्च के बाद प्रारंभिक आवेदन करता है।

इसमें ब्योरा देना पड़ता है कि दावा किस आधार पर किया जा रहा है। इसके अध्ययन के बाद अगर आवेदन स्वीकार कर लिया गया, तो रिसर्च का ब्योरा देने के लिए आवेदक को एक साल का समय दिया जाता है। इसकी पड़ताल के बाद विशेषज्ञ पेटेंट की अनुशंसा करते हैं।

किन दवाओं पर दावा
1. सस्टेंट बाइ लेयर टेबलेट आफ एसिक्लोफेनेक एंटानिजनिडिन हाइड्रोक्लोराइड।
2. कास्मेटिक हर्बल क्रीम कंपोजिशन एंड प्रोसेस।
3. फिंगर प्रिंट फार आयुर्वेदिक फामरूलेशन।
4. लांग सकुर्लेटिंग बायो डिग्रेटिबल पालीमर सिस्टम आफ ग्लीजाइड।
5. मैथेडोलाजी डवलपमेंट इन माडर्न टेक्नालाजी।





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