भोपाल.
पवित्र रमजान उल मुबारक की गुरुवार से इब्तिदा हो गई। शाम साढ़े छह बजे चांद नहीं दिखने पर मुफ्ती मजलिसे शूरा विचार कर ही रही थी कि शाम 6.40 बजे आसमान में चांद ने अपनी झलक दिखा दी। तभी शहर काजी मौलवी अब्दुल लतीफ ने रमजान माह शुरू होने का ऐलान कर दिया। लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। शहर के लोगों को इसकी जानकारी गोले छोड़कर दी गई।
शुक्रवार को रमजान का पहला रोजा बंदे अकीदत के साथ रखेंगे। बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई। लोगों ने सेहरी की खरीदारी के लिए बाजारों की तरफ रुख किया। नमाज ए इशा के बाद मस्जिदों में तरावीह हुई। मस्जिदों में तीन, पांच, सात, दस और 27 दिन की तरावीह का एहतेमाम किया गया है। शुक्रवार से लोग पूरी शिद्दत से रोजे रख खुदा की इबादत करेंगे। विशेष नमाजें अदा करेंगे और शहर में मजहबी जलसे होंगे।
शहर काजी मौलवी अ. लतीफ ने लोगों से कहा है कि पवित्र रमजान माह रहमत, बरकत, न्यामतें देने वाला है। इस माह में पूरी शिद्दत से खुदा की इबादत करें। गरीबों को जकात दें और लोगों की भलाई के काम जरूर करें।
पानी का इंतजाम:
रमजान को ध्यान में रखते हुए नगर-निगम ने मस्जिदों में टैंकरों से पानी की सप्लाई की, तो प्रमुख मस्जिदों के आसपास साफ-सफाई का विशेष इंतजाम किया गया।
पुराने शहर में रहा रतजगा:
रमजान माह के शुरू होते ही पुराने शहर में रतजगा का नजारा देखने को मिला। देर रात तक बाजार खुले रहे और चौराहों से लेकर सड़कों पर भी चहल-पहल बनी रही। सिवईयां, खजूर, बिस्किट, ब्रेड, टोस्ट, दूध, सूखा मेवा और रोजमर्रा के सामान की दुकानों पर अधिक भीड़ थी। सबसे ज्यादा बिक्री सिवईयां की हुई।
हरतालिका तीज आज
हरतालिका तीज पर शुक्रवार को सुहागन महिलाएं व्रत रख पूरी रात जागकर शिव-पार्वती की पूजा कर पति की लंबी आयु की कामना करेंगी। अविवाहित युवतियां भी मनपसंद वर की कामना के साथ यह व्रत करती हैं। बाजारों में पूजन और सुहाग सामग्री की खरीदी करने बड़ी संख्या में महिलाओं की भीड़ थी। पूजा स्थल पर सजाने के लिए हार-फूल व फुलेरा की जमकर बिक्री हुई। उधर, राज्य शासन ने शुक्रवार को हरतालिका तीज पर्व के मौके पर महिला कर्मचारियों को विशेष अवकाश मंजूर किया है।
कल विराजेंगे गणपति बप्पा
राजधानी में शनिवार को कई स्थानों पर गिरजानंदन गणॆश की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। उत्सव समितियों द्वारा आकर्षक पंडाल सजाने के साथ ही अन्य तैयारियां भी जोरों से की जा रही हैं। शहर में करीब सात सौ स्थानों पर गणॆश उत्सव के लिए एक से बढ़कर एक झांकियां सजाई जा रही हैं।
कई पंडालों में बंगाल से आए कलाकारों द्वारा बनाई गणॆश प्रतिमाओं के दर्शन होंगे, जो कलात्मक रूप लिए हैं। अब केवल एक दिन शेष रह जाने पर मूर्तिकार, प्रतिमाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं। रंग-रोगन सुखाने के लिए वे पंखे व कूलर का उपयोग कर रहे हैं।
न्यू मार्केट, शाहपुरा, दस नंबर, तुलसी नगर, जवाहर चौक व महाराणा प्रताप नगर व पुराने शहर के चौक, घोड़ा नक्कास, मंगलवारा, इतवारा, तलैया, जिंसी, बरखेड़ी, जिंसी, तलैया, बस स्टैंड, करोद, छोला, स्टेशन बजारिया, शाहजहांनाबाद, जिंसी भेल व बैरागढ़ में भी उत्सव की जोरदार तैयारियां चल रही हैं।
समितियों के लोग घर-घर जाकर चंदा बटोर रहे हैं। मोहल्लों में बच्चों की टोलियां भी सक्रिय हैं और वे गणपति बप्पा मोरिया के जयघोष करने लगी हैं। घरों पर पूजन के लिए भगवान गणॆश की छोटी प्रतिमाओं की बाजारों में आज खरीद-फरोख्त तेज रही।
गणॆश पूजन विधि:
-पं. भंवर लाल शर्मा का कहना है भगवान गणॆश विघ्नहर्ता हैं। चतुर्थी पर शनिवार को गणॆश पूजा कर समाज और देश की सुख-समृद्दि की कामना करें।
पूजा विधि- चौकी पर वस्त्र बिछा कर अक्षत रख कर कलश और गणॆश प्रतिमा स्थापित करें। रोली, कुमकुम, सिंदूर, हल्दी, अक्षत, से पूजा कर दूर्वा व पुष्प चढ़ाएं। फल व मोदक, मगज व बूंदी के लडड्डुओं का भोग लगाएं। गणॆश वंदना, स्तुति व क्षमा प्रार्थना मंत्र पढ़ेँ। आरती कर प्रसाद बांटें।