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जेएएच हड़ताल से स्थिति बिगड़ी

ग्वालियर. doctor एमसीआई से पीजी कोर्सो की मान्यता बहाली व स्टेट मेडिकल काउंसिल में पीजी डिग्री के पंजीयन की मांग को लेकर हड़ताली जूनियर डाक्टरों ने गुरुवार को जेएएच समूह की ओपीडी भी बंद करा दी।

मंगलवार से हड़ताल कर रहे जीआर मेडिकल कालेज के जूनियर डाक्टर गुरुवार को सुबह फूल लेकर खड़े हो गए और ओपीडी माधव डिस्पेंसरी में जाने वाले कंसल्टेंट (विशेषज्ञ डाक्टर/ चिकित्सा शिक्षक) को गुलाब व अन्य तरह के फूल भेंट कर उनसे काम नहीं करने का आग्रह किया।

सीनियर डाक्टरों ने उनकी मांगों का समर्थन किया लेकिन ओपीडी के अंदर आ गए। गांधीगिरी के बाद जूनियर डाक्टर ओपीडी में आ गए और उन्होंने ओपीडी टिकट काउंटर बंद कर दिए। साथ ही कंसल्टेंटों को बाहर ले आए। गुरुवार को ओपीडी मरीजों की संख्या 400 रह गई जबकि हड़ताल के पहले दिन मंगलवार को ओपीडी मरीजों की संख्या 900 थी।

दोपहर में हड़ताली जूनियर डाक्टरों ने रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंच कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। हड़ताल के कारण गुरुवार को जेएएच समूह में रुटीन आपरेशन बंद रहे और सीनियर डाक्टरों ने दो दर्जन से अधिक मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया।

कालेज काउंसिल सदस्य भी जूडा के समर्थन में
जूनियर डाक्टरों की हड़ताल को लेकर गुरुवार को जीआर मेडिकल कालेज की डीन डा.शैला सप्रे की अध्यक्षता में कालेज काउंसिल की बैठक हुई। बैठक में जूनियर डाक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डा.दीपक यादव व अन्य प्रतिनिधियों को डीन ने काम पर लौट आने के लिए कहा।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांग गलत हो तो वे काम पर लौट आएंगे। उसके बाद जेएएच समूह के संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक डा.पीसी महाजन ने कहा कि जब पीजी डिग्री एमसीआई द्वारा मान्य नहीं तो है तो जूनियर डाक्टर मरीज का इलाज कैसे कर सकते हैं?

न्यूरोसर्जरी विभाग के अध्यक्ष डा.एसएन अयंगर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डा.वीना अग्रवाल, पैथोलाजी विभाग के अध्यक्ष डा.भरत जैन सहित काउंसिल के अधिकांश सदस्यों ने जूनियर डाक्टरों की मांगों का समर्थन किया। उसके बाद डीन ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को वस्तुस्थिति से अवगत कराया।





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