अमृतसर:
एसएसपी आफिस अमृतसर में शुक्रवार को उस समय असमंजस पूर्ण स्थिति बन गई जब एक व्यक्ति के खिलाफ तीन में से दो पत्नियां उसके खिलाफ शिकायत लेकर पहुची। फिलहाल एसएसपी की गैर मौजूदमी में एसपी सिटी-2 एसएस मान ने मामले की जांच डीएसपी सिविल लाइन को सौंप दी है।
दूसरी शादी के बाद पहली का हुआ खुलासा
हरिपुरा गली नंबर 7 निवासी माधवी पुत्री मदन गोपाल ने आरोप लगाया कि 7 अक्तूबर, 2002 को उसकी शादी महेश कुमार पुत्र वरिंदर कुमार निवासी नई आबादी कर्मपुरा, फतेहगढ़ चूढ़ियां रोड के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद ससुराल में उसे पता चला कि महेश ने पहले ही हाऊसिंग बोर्ड कालोनी निवासी नीतू से शादी करवाई थी। नीतू से उसका एक बच्च भी है। उसने बताया कि इसके बाद दोनों पत्नियां आमने-सामने हुईं। इसके बाद नीतू का कोई पता नहीं चला। उसका आरोप है कि इसके बाद उसे तंग किया जाने लगा और वह मायके चली आई तब से उसकी कोई सुध नहीं ली गई।
तीसरी पत्नी ने दूसरी को ढूंढा
बीस वर्षीय लक्ष्मी पुत्री नंद लाल निवासी चक्करी गली, कलानौर, गुरदासपुर ने बताया कि 18 फरवरी, 2006 को महेश से उसकी शादी हुई थी। शादी के बाद वह गर्भवती हो चुकी है। जिसकी किसी भी समय डिलीवरी हो सकती है।
लक्ष्मी ने बताया कि उसे भी ससुरालियों द्वारा दजेह के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा तो उसने पुलिस के महिला विंग के पास शिकायत कर दी। उसका कहना है कि शादी के बाद एक दिन उसके हाथ माधुरी की शादी संबंधी फोटो एलबम सग गई। इसी के आधार पर लक्ष्मी के परिवार वाले महिला विंग के सदस्यों के साथ पूछते हुए उसके (माधुरी) के मायके हरिपुरा पहुंच गए। जब दोनों मिलीं तो नीतू से भी शादी के मामले का पर्दाफाश हो गया।
एनआरआई बता बहन ने कराए दो रिश्ते
शिकायतकर्ता दोनों पत्नियों और उनके मायके वालों ने बताया कि महेश की दोनों बार करवाई गई शादियों के सिलसिले में गुरदासपुर निवासी उसकी बहन सुषमा रानी मुख्य रूप से जिम्मेदार है। पेशे से ड्राईंग टीचर है सुषमा और उसके पति केवल कृष्ण ने ही दोनों परिवारों को महेश को एनआरआई बताते हुए गुमराह कर धोखे से शादियां करवाईं। खास बात तो यह रही कि राज को छुपाने के लिए महेश अपनी बहन के घर पर पांच महीने रहा।
चौथी शादी की थी तैयारी
लक्ष्मी और उसके मायके वालों का कहना है कि महेश उससे छुटकारा पा कर चौथी शादी की तैयारी में है।