चेन्नई: देश में आरक्षण को लेकर सबसे ज्यादा उदार (69 फीसदी) राज्य तमिलनाडु ने अब मुस्लिमों और ईसाइयों को भी नौकरियों और शिक्षा संस्थानों में आरक्षण का लाभ देने का फैसला किया है।
राज्य में अल्पसंख्यकों को आरक्षण का यह तोहफा सत्तारूढ़ डीएमके के संस्थापक सीएन अन्नादुराई के 99वें जन्मदिन पर 15 सितंबर से मिलेगा। राज्य में पिछड़े वर्ग के लिए लागू 30 फीसदी आरक्षण में से ही मुस्लिमों और ईसाइयों को 3.5-3.5 फीसदी आरक्षण देने की व्यवस्था की गई है।
जस्टिस जनार्दनम की अध्यक्षता वाले आयोग ने सिफारिश की थी कि आरक्षण के प्रतिशत का फैसला दूसरे पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की सिफारिशों पर ही तय किया जाए।
सरकार के ताजा फैसले से अल्पसंख्यकों को आरक्षण देने की काफी अरसे से लंबित मांग पूरी हो गई है।
* अल्पसंख्यकों के हितों के मद्देनजर तमिलनाडु द्वारा की गई पहल से दूसरे राज्यों को सबक लेना चाहिए।
- ई. अहमद, विदेशी राज्यमंत्री
करुणानिधि को बम से उड़ाने की धमकी
पुलिस भर्ती में मुस्लिम उम्मीदवारों के लिए कद की न्यूनतम पात्रता को 168 सेंटीमीटर से घटाकर 163 सेंटीमीटर नहीं करने पर मुख्यमंत्री करुणानिधि को मानव बम से उड़ाने की धमकी से भरा एक पोस्ट कार्ड कोयम्बटूर पुलिस आयुक्त को मिला है। नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि मुख्यमंत्री ने उम्र सीमा बढ़ाकर 24 से 29 वर्ष करने की घोषणा तो की थी, लेकिन अभी यह केवल अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए ही लागू हुई है।