bhaskar Web English
HomeNewsPunjabJalandhar Jalandhar

फोन घुमाओ, जिंदगी बचाओ

जालंधर: mobile हाईवे पर सड़क हादसे के दौरान आपका एक फोन किसी घायल की जान बचा सकता है। आपके जानकारी देने के बाद हाईवे पैट्रोलिंग वैन घटनास्थल पर पहुंच जाएगी। प्राथमिक उपचार के बाद घायल को अस्पताल पहुंचाया जाएगा। एसएसपी अर्पित शुक्ला ने अपनी टीम के साथ यह सराहनीय प्रयास किया है।

नहीं हैं नकोदर रोड पर हाइवे पैट्रोलिंग
एसएसपी अर्पित शुक्ला ने माना कि स्टेट हाइवे रोड (नकोदर-मोगा) पर हाइवे पैट्रोलिंग नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार से बात चल रही है और जल्द ही चार वाहन विभाग को मिल जाएंगे ताकि इन रूटों पर भी पैट्रोलिंग वैन लगाई जा सके

2006 में गई 62 की जान
जालंधर से गुजर रहे नैशनल हाइवे पर 2006 में 309 हादसे हुए हैं। इनमें 539 लोग जख्मी हुए, जबकि 62 लोगों की मौत हुई। 533 का प्राथमिक उपचार करवाते हुए हाइवे पैट्रोलिंग ने 516 जख्मी अस्पताल पहुंचाए हैं। चालू वर्ष अगस्त तक हाइवे पर 206 हादसे हुए हैं। इनमें 320 लोग जख्मी हुए हैं। पुलिस ने 245 का प्राथमिक उपचार किया और 298 अस्पताल में भर्ती करवाए। इस दौरान 48 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

ऑक्सीजन सिलैंडर लगाने में अनट्रेंड
हाइवे पैट्रोलिंग में करीब 41 कर्मचारी हैं। यह कर्मचारी 12 घंटे की शिफ्ट के हिसाब से ड्यूटी करते हैं। उन्हें दुर्घटना के बाद प्राथमिक उपचार देने की ट्रेनिंग दी जा रही है, लेकिन यह कर्मचारी आक्सीजन लगाने में अनाड़ी हैं। इनके पास रूट पर स्थित सभी अस्पतालों की लिस्ट है ताकि जरूरत के हिसाब से उनकी मदद ली जा सके।

ले गए अमृतसर वाले वैन किसी समय पीएपी टी-प्वाइंट से लेकर कठार (आदमपुर) तक हाइवे पैट्रोलिंग वैन हुआ करती थी। इसे 9 सितंबर को अमृतसर भेज दिया गया। यह अमृतसर पुलिस के कोटे की थी। इस रूट पर अक्सर हादसे होते रहते हैं। ऐसा ही हाल नकोदर रोड का है।

पैट्रोलिंग टीम मैंबरों को दिए टिप्स
एसएसपी अर्पित शुक्ला ने बताया कि हाइवे पैट्रोलिंग टीम को ऑक्सफोर्ड अस्पताल के सहयोग से फस्ट एड किट दी गई है। पुलिस लाइन में कार्यक्रम के दौरान डाक्टर दिलबंत सिंह ने जख्मी की मदद करने के लिए टीमों को टिप्स् दिए। इस दौरान हादसे की एक वीडियो फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें दिखाया गया है कि दुर्घटना के बाद किस तरह जख्मी को बाहर निकाला जा रहा है और उसे कैसे प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल तक पहुंचाया जाता है।

एसएसपी अर्पित शुक्ला ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि हादसे की सूचना और जख्मियों को अस्पतालों तक पहुंचाने वालों का सम्मान भी करेगी। इस मौके पर ऑक्सफोर्ड अस्पताल के डायरैक्टर एसएस ढिल्लों, एसपी राकेश कौशल, डीएसपी राजिंदर सिंह, मोबाइल विंग के इंचार्ज सुरजीत सिंह के अलावा कई अधिकारी मौजूद थे।

यह हैं नंबर
गोराया : गांव चिचराड़ी से सतलुज पुल फोन नं. 98760-34425
परागपुर चुंगी : परागपुर से लेकर दयालपुर (करतारपुर) फोन नं. 98760-34426
पठानकोट चौक : पठानकोट नैशनल हाइवे और भोगपुर के चौलांग क्षेत्र तक फोन नं. 98760-34427
हादसा हो तो 1111 डायल करें
कोई भी एयरटैल ग्राहक अपने मोबाइल से 1111 नंबर डायल कर मोबाइल वैन बुला सकेगा।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: