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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. इंटरनेशनल ड्रग माफिया दविंदर राजा। केस में एनआरआई और पेरोल में हिंदुस्तानी। पेरोल पर २८ दिनों के लिए जेल से छूटा यह कैदी चंडीगढ़ नहीं छोड़ सकता था,लेकिन जा पहुंचा दिल्ली एयरपोर्ट तक। भास्कर द्वारा मामले की पोल खोलने पर पुलिस ने इस सजायाफ्ता मुजरिम की रिपोर्ट पेश की, जिस पर डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट आरके राव ने उसकी पेरोल कैंसिल कर दी है।
वीरवार रात जैसे ही दविंदर की पेरोल कैंसिल होने के आदेश थाना-३९ पहुंचे, एसएचओ राजेश शुक्ला ने सेक्टर-४0 से दविंदर को अरेस्ट कर जेल में बंद करवाया। अब दविंदर का फिर पेरोल पर रिहा होना मुश्किल है।
दविंदर एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल में १0 साल की कैद काट रहा है। तत्कालीन थाना-३९ प्रभारी इंस्पेक्टर सतबीर की रिपोर्ट के अनुसार दविंदर बिना सूचित किए दिल्ली गया। वह पंचकूला भी जाता था और से.-४0 में अपने वकील के पते की जगह होटल ताज में रहता था।
अब तक..
>> 31-08-07 को एनआरआई स्टेटस के बिना दंिवंदर 28 दिन की पेरोल पर रिहा।
>> सेक्टर-40 के वकील विपिन ने दी पेरोल के लिए 20 लाख की श्योरिटी।
>> चैकिंग के दौरान घर पर नहीं मिला दविंदर राजा।
>> टैक्सी ड्राइवर चंदर का कहना दविंदर दिल्ली एयपोर्ट तक गया।
पेरोल का कानून:
जेल मैनुअल के अनुसार पेरोल पर रिहा हुआ कैदी बिना परमिशन शहर नहीं छोड़ सकता।
मामला :
14 दिसंबर 2003 को 60 करोड़ के ड्रग्स के साथ दंिवंदर राजा इंस्पेक्टर विजय कुमार द्वारा अरेस्ट। 2006 में कोर्ट ने दोषी करार देते हुए सुनाई दस साल की सजा।
>> दविंदर की पेरोल देर शाम डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने कैंसिल कर दी, जिस पर हमने उसे गिरफ्तार किया और बुड़ैल जेल में बंद करवा दिया।
—राजेश शुक्ला, थाना-३९ प्रभारी