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रामसेतु: विवाद के वन से लौटे राम

नई दिल्ली:ram setu राम सेतु मसले पर भाजपा और इसकी केसरिया ब्रिगेड के हमले से घबराई केंद्र सरकार ने आपत्तिजनक अंश वापस लेकर सुप्रीम कोर्ट में पूरक हलफनामा दायर करने का फैसला किया है। इन अंशों में भगवान राम और रामायण के अन्य चरित्रों के अस्तित्व पर संदेह व्यक्त किया गया है।

भगवान राम बहस का विषय नहीं : कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के हस्तक्षेप के बाद विधि मंत्री हंसराज भारद्वाज ने गुरुवार को हड़बड़ी में बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में हलफनामे के आपत्तिजनक अंश वापस लेने की घोषणा की। उन्होंने माना कि भगवान राम भारतीय संस्कृति और लोक जीवन का अभिन्न अंग हैं। यह बहस का विषय नहीं हो सकता।

सोनिया ने की पहल : उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक सोनिया ने एएसआई हलफनामे के पांचवें, छठे और 20वें पैरे पर चिंता जताई और सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने विधि मंत्रालय पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि हलफनामा तैयार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

अब राम के भगवान होने का हलफनामा : नए हलफनामे में भगवान राम की प्रामाणिकता को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा उठाए गए संदेहों को खारिज किया जाएगा।

सरकार यह भी मानेगी कि राम न सिर्फ भगवान हैं, बल्कि हिंदुओं के आराध्य देव भी हैं और उनके अस्तित्व को लेकर सरकार को कोई संदेह नहीं है।

जयललिता ने भी याचिका लगाई
अन्नाद्रमुक प्रमुख जे.जयललिता ने भी केंद्र को रामसेतु तोड़ने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका के मुताबिक भावनाओं से जुड़ा मसला होने के अलावा इसका असर राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी होगा। याचिका में ऐतिहासिक साहित्य के व्यापक उद्धरण देते हुए सेतु को मानव इच्छा शक्ति का प्रतीक बताया गया है।

मोदी ने मुद्दा झपटा
तीन माह बाद चुनाव का सामना करने जा रहे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेतु विवाद को चुनावी मुद्दे के रूप में झपट लिया है। सूरत जिले के मांडवी में आदिवासियों की विशाल सभा में मोदी ने उक्त मसले पर कांग्रेस पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने कहा, दिल्ली सल्तनत ने वोट बैंक के लिए लोगों की भावनाओं को चोट पहुंचाई है। शरीर में खून की एक बूंद रहने तक हम सेतु को तोड़ने नहीं देंगे।

सोनिया, मनमोहन माफी मांगें: आडवाणी
लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए कहा है कि इस मसले पर सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए।

आडवाणी ने यहां गुरुवार को भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की आपात बैठक के बाद कहा कि सरकार द्वारा भगवान राम के अस्तित्व को नकारना छद्म धर्म निरपेक्षता का घिनौना उदाहरण है। उनके मुताबिक हलफनामा लापरवाही में नहीं, बल्कि सोच समझ कर दायर किया गया। जवाबदेही तय होनी चाहिए कि किस व्यक्ति ने यह हलफनामा तैयार किया और इस पर किस मंत्री की स्वीकृति या हस्ताक्षर हैं।

राम सेतु चुनावी मुद्दा बनेगा : आडवाणी ने कहा, मध्यावधि चुनाव अगले वर्ष 2008 के प्रारंभ में हो सकते हैं और इसमें राम सेतु भी एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनेगा।

भोपाल में बनेगी रूपरेखा : उन्होंने कहा कि 21 से 23 सितंबर तक भोपाल में होने जा रही भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राम सेतु की रक्षा की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।

आज जलेगी होली : भाजपा नेता के मुताबिक भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से शुक्रवार को समूचे देश में विवादास्पद सरकारी हलफनामे की होली जलाई जाएगी।

संस्कृति की जीत
राम का वन गमन संस्कृति के कल्याण के लिए ही होता है। त्रेतायुग में ऋषियों और आमजन को आतताइयों से बचाने के लिए हुआ था और इस बार संस्कृति को संबल देने के लिए कोर्ट में राम के अस्तित्व पर सवाल उठाकर उन्हें विवाद का वनवास कराने वाली केंद्र की मंथरा अब माफी की मुद्रा में है। सरकार झुक गई है। राम के नाम को हटाकर अब नया हलफनामा दायर किया जाएगा। शक, संशय और विवादों के असुर संहारे जा जुके हैं। राम अयोध्या लौट आए हैं। राम यानी संस्कृति और अयोध्या यानी हर घर.. हर तन.. और हर मन..

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shiv natn
Friday, 14th Sep 2007, 7:31
Ram setu hai aur Ram Bi hain ismein koi shanka nahin