नई दिल्ली:
दुनिया का सबसे ऊंचा रण-स्थल सियाचिन अब जनता के लिए भी खुलने जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र की विशाल काराकोरम रेंज स्थित इस ग्लेशियर की बर्फीली ऊंचाइयों तक ट्रैकर्स भी जा सकेंगे। इस स्थल पर 4 साल पहले तक पाकिस्तान से गोले बरसते रहते थे।
सेना के अधिकारियों ने बताया कि 19 सितंबर से 20 नागरिकों का पहला समूह सियाचिन की ओर बढ़ेगा। इस समूह में कुछ किशोरियां, एनसीसी व सैनिक अकादमी के कैडेट, गृहिणियां और कॉपरेरेट कार्यकारी शामिल होंगे। करीब 70 किलोमीटर तक विस्तृत इस ग्लेशियर में विभिन्न स्थानों पर भारतीय और पाकिस्तानी सेनाएं डटी रहती हैं। संघर्ष विराम लागू होने के बाद इसकी बर्फीली चोटियों पर चार साल से शांति है।
नागरिकों के पहले समूह की सियाचिन यात्रा आर्मी एडवेंचर सेल तथा इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन प्रायोजित कर रहा है। यह समूह आधार से ग्लेशियर के मध्य में 16,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित कुमार कैंप तक जाएगा।
* हमने अगले साल से ऐसे ही ट्रैकर्स के लिए इस ग्लेशियर को नियमित रूप से खोलने की योजना बनाई है।
—एक सेनाधिकारी
सियाचिन पर एक नजर
* काराकोरम पर्वत श्रेणी में सबसे लंबा तथा दुनिया के गैर-ध्रुवीय क्षेत्र में दूसरा सबसे बड़ा ग्लेशियर
* लंबाई : करीब 70 किलोमीटर
* न्यूनतम तापमान: माइनस 50 डिग्री सेल्सियस तक।