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जयपुर. रमजान के मुकद्दस महीने के पहले जुमे पर शहर की मस्जिदों में नमाज अदा की गई। इसमें बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। नमाज अदा करने से पहले सुरक्षा की दृष्टि से डॉग स्क्वाड, मेटल डिटेक्टर व बम निरोधक दस्ते ने चप्पे-चप्पे की जांच की।
दोपहर बारह बजे से ही मस्जिदों में नमाजियों की गहमागहमी शुरू हो गई। जौहरी बाजार की जामा मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाज के लिए लोग पहुंचे। जौहरी बाजार में यातायात रुकने के साथ ही नमाजियों ने मस्जिद के बाहर कपड़ा बिछाना शुरू कर दिया था। ठीक 12.55 बजे हाफिज मोहम्मद सलमान ने नमाज अदा की। इसमें हजारों सिर खुदा की बारगाह में झुके।
इसके बाद मस्जिद के इमाम मुफ्ती अमजद अली साहब ने अपनी तकरीर में रोजे की अहमियत, मकसद व रोजेदार की जिम्मेदारी पर रोशनी डाली। उन्होंने देश में अमन शांति व सलामती के लिए खुदा से दुआ की। चिलचिलाती धूप में हजारों नमाजी ध्यान से तकरीर सुन रहे थे, तभी कुछ देर के लिए अचानक आई फुहारों ने मौसम को खुशनुमा बना दिया। अंत में जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी की ओर से सचिव हाजी अनवर शाह ने व्यापार मंडल व पुलिस प्रशासन का नमाज के दौरान किए गए सहयोग के लिए आभार जताया।
दोपहर में सवा दो बजे नमाज मुकम्मल हुई और नमाजी अपने घरों को लौट गए। रोजेदारों के इफ्तहार के लिए बाजारों में भीड़ रही। मुस्लिम इलाकों में फल, खजूर व मिठाइयों की दुकानें सजीं। बाजारों में दोपहर बाद से ही खरीदारी शुरू हो गई। जिन घरों में बच्चों ने पहला रोजा रखा, वहां खुशी का माहौल रहा।
इस बार पांच जुमे : इस बार रमजान महीने के पांच जुमे (शुक्रवार) रोजेदारों के लिए सोने पर सुहागा रहेंगे। जामा मस्जिद के सचिव हाजी अनवर शाह ने बताया कि हदीस के मुताबिक जुमा सभी दिनों का सरदार माना जाता है। जुमे पर अन्य दिनों के मुकाबले 70 गुना ज्यादा पुण्य मिलता है। यह खुशी की बात है कि कई वर्र्षो बाद रमजान की शुरुआत व समापन भी जुमे से हो रहा है।
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