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भोपाल. राजधानी में अगले महीने से हवाई सेवाओं का विस्तृत रूप सामने आएगा। जेट एयरवेज जहां भोपाल से मुंबई के लिए सुबह की फ्लाइट शुरू करने जा रही है वहीं किंगफिशर एयरलाइंस ने भी यहां के एयर ट्रैफिक में अपनी सेवाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। वह राजधानी से देश के कई बड़े शहरों तक कनेक्टिंग फ्लाइट आरंभ करेगी।
वर्तमान में भोपाल से मुंबई एवं दिल्ली के अलावा इंदौर तथा जबलपुर तक सीधी फ्लाइट उपलब्ध है। सबसे अधिक यात्री मुंबई आते-जाते हैं लेकिन वहां के लिए सुबह के समय कोई फ्लाइट नहीं चलती। इंडियन एवं जेट दोनों कंपनियों की मुंबई विमान सेवा शाम को कुछ मिनटों के अंतराल से मिलती है।
अब जेट एयरवेज ने एयरपोर्ट अथारिटी से मुंबई के लिए नई उड़ान की अनुमति ले ली है। सूत्रों ने बताया कि 28 अक्टूबर से मुंबई के लिए सुबह की विमान सेवा उपलब्ध हो जाएगी।
किंगफिशर भी तैयार:
किंगफिशर पहले चरण में अक्टूबर माह में भोपाल से जबलपुर-इंदौर उड़ान शुरू करेगा है। उसके महाप्रबंधक (एटीसी) ओंकारसिंह के अनुसार कंपनी ने एयरपोर्ट पर टिकट काऊंटर के लिए आवेदन किया है। सूत्रों के मुताबिक कंपनी की योजना राजधानी से नागपुर, रायपुर एवं हैदराबाद तक कनेक्टिंग फ्लाइट शुरू करने की है। इन शहरों तक जाने वाले यात्रियों को पहले इंदौर तक जाना होगा।
वहां से कनेक्टिंग फ्लाइट उपलब्ध कराई जाएगी। यानि बड़े शहरों तक भोपाल का हवाई संपर्क शुरू हो जाएगा। किंगफिशर की उड़ान शुरू होने के बाद डेक्कन की जबलपुर उड़ान को किसी अन्य मार्ग पर चलाया जा सकता है। एयर डेक्कन फिलहाल भोपाल से जबलपुर एवं दिल्ली मार्ग पर एटीआर विमान चला रहा है।
>> हमारे पास अतिरिक्त एयरक्राफ्ट है, मुंबई से लैंडिंग स्लॉट मिलते ही सुबह के समय नई उड़ान शुरु कर देंगे, वैसे भी भोपाल से मुंबई रूट पर ही सर्वाधिक यात्री जाते हैं।
—आशुतोष शुक्ला, स्टेशन मैनेजर जेट एयरवेज
जेट की प्रस्तावित समय-सारिणी
जेट एयरवेज की अगले माह से प्रस्तावित मुंबई उड़ान मुंबई से सुबह 8.30 बजे भोपाल पहुंचेगी। यहां सुबह 9 बजे वापस मुंबई की उड़ान भरेगी। किंगफिशर की फ्लाइट इंदौर से सुबह 11 बजे भोपाल पहुंचेगी। यहां से सुबह 11.30 बजे जबलपुर प्रस्थान करेगी। यही विमान दोपहर 1.40 बजे जबलपुर से भोपाल आएगा और दोपहर 2.10 बजे इंदौर जाएगा।
कुल 9 उड़ानें होंगी:
जेट एयरवेज की नई मुंबई उड़ान एवं किंगफिशर की प्रस्तावित उड़ान शुरू होने के बाद राजा भोज एयरपोर्ट पर कुल 9 उड़ानों का संचालन होगा। फिलहाल यहां केवल 6 विमान लैंड होते हैं।