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भोपाल. हमीदिया अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख रहे हृदय रोग विशेषज्ञ पीसी मनोरिया को राजधानी की एक अदालत ने एक करोड़ रुपए से ज्यादा की बेनामी संपत्ति अर्जित करने के मामले में पांच साल की जेल और पांच लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने उनके साथ डॉ. प्रवीर पाल और पवन कुमार जैन को एक साल की जेल और दो हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
अस्पताल के चेंबर से मिले थे 18 लाख
शुक्रवार को लोकायुक्त के विशेष न्यायाधीश आरके भावे के फैसले के बाद डॉ. मनोरिया को गिरफ्तार कर सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। जुर्माना न देने पर उन्हें एक साल अतिरिक्त जेल में रहना होगा।
क्या था मामला :
वर्ष 1998 में मप्र राज्य तृतीय श्रेणी कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष नारायण प्रसाद शर्मा ने लोकायुक्त पुलिस में डॉ.मनोरिया द्वारा अवैध रूप से हाईटेक सेंटर नामक मेडिकल जांच संस्था चलाने की शिकायत की थी।
लोकायुक्त पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू करने के बाद 17 फरवरी 1998 को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला दर्ज किया था।
पुलिस ने मनोरिया के हाईटेक सेंटर और हमीदिया अस्पताल से लाखों रुपए नकद बरामद किए थे। जांच में यह भी पता चला कि डॉ. मनोरिया ने अपने रिश्तेदार पवन कुमार जैन और डॉ.प्रवीर पाल के साथ मिलकर बेनामी संपत्ति अर्जित की। पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों के खिलाफ चालान अदालत में पेश किया था।