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जयपुर. भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि न्यायालय द्वारा छह माह कैद की सजा सुनाए जाने के बावजूद सिंचाई राज्य मंत्री सुरेंद्रसिंह राठौड़ को इस्तीफा देने की
जरूरत नहीं है। पार्टी ने कहा है कि जब न्यायालय ने सजा स्थगित ही कर दी तो फिर राज्य मंत्री क्यों इस्तीफा दें। पार्टी नेताओं के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं मिला कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शिबू सोरेन को निचली अदालत से सजा सुनाई गई थी तो उनसे इस्तीफा क्यों मांगा गया था।
पार्टी अध्यक्ष महेशचंद्र शर्मा ने कहा कि जब तक अंतिम निर्णय नहीं आ जाता तब तक राठौड़ को दोषी मानना ठीक नहीं है। सेशन कोर्ट ने किसी आधार पर ही सजा स्थगित की है।
पार्टी प्रवक्ता कैलाशनाथ भट्ट का कहना है कि जिन प्रकरणों में सजा पर स्थगन आ जाता है, वे प्रकरण भारतीय जन प्रतिनिधित्व कानून के दायरे में नहीं आते। दूसरे यह प्रकरण तकनीकी श्रेणी में आता है, न कि आपराधिक श्रेणी में। अगर यह आपराधिक मामला होता तो पार्टी नैतिक आधार पर तत्काल मंत्री के सरकार में बने रहने को लेकर फैसला कर लेती।
उल्लेखनीय है कि राजसमंद के मुंसिफ एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 11 सितंबर को प्रदेश के सिंचाई राज्य मंत्री को खनन कानून की धारा 1972 के तहत छह माह की सजा सुनाई थी। राठौड़ के खिलाफ आमेट के पास जोगी मगरा की खानों में सुरक्षा लापरवाहियों को लेकर मामला दर्ज किया गया था।