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जयपुर. जेडीए एक तरफ नई आवासीय योजनाएं शुरू कर रहा है, लेकिन पिछले दो साल की दस में से सात योजनाओं के करीब पांच हजार लोग भूखंडों का
कब्जा लेने के लिए चक्कर काट रहे हैं। यही नहीं, भूखंडधारियों को सुविधाएं देने में देरी हो रही है। इसके लिए वसूले गए करीब 400 करोड़ रु. अटक गए हैं। स्वप्न लोक, कल्पना नगर, रोहिणी नगर, आंनद लोक, पीतांबरा, पार्थ नगर योजनाओं में भूखंडों का डिमार्केशन तक नहीं हुआ है, जिसके कारण लोग चारदीवारी तक नहीं बनवा पा रहे हैं।
अफसर यह कहकर लोगों को टरका रहे हैं कि स्टाफ कम है, अभी समय लगेगा। इंजीनियरिंग शाखा के अफसरों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि सड़क बनाने में आ रही दिक्कतों को जोन कार्यालय ही दूर करेंगे। प्रस्तावित सड़कों में आ रही किसानों की जमीन अवाप्त की जा रही है। आनंद लोक द्वितीय योजना की एप्रोच सड़क काफी समय से अटकी हुई है। इसकी मुख्य वजह किसानों को मुआवजा नहीं देना है। स्वप्न लोक में भी कुछ सड़कों का कार्य लंबे समय से अटका है। यहां पर भी किसानों के मुआवजे के मामलों का निपटारा नहीं हुआ।
* योजनाओं में सुविधाएं विकसित करने का कार्य चल रहा है। कुछ लोगों को पट्टे देने का काम जल्द दिया जाएगा। डिमार्केशन का कार्य इंजीनियरिंग शाखा ही करेगी। सड़कों का कार्य क्यों अटका हुआ है इस संबंध में इंजीनियरिंग शाखा से बात करेंगे।
—आर.पी.शर्मा, जोन उपायुक्त, जेडीए
* योजनाओं में पानी की सुविधा के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। डिमार्केशन का कार्य कर रहे हैं। कुछ योजनाओं में जमीन की अवाप्ति नहीं होने से सड़कों का कार्य अटका हुआ है।
—एस.के.पंचोली, डाइरेक्टर इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट
कहां-कहां नहीं हुआ डिमार्केशन
आनंद लोक प्रथम, द्वितीय, पीतांबरा, राजभवन, पार्थ नगर, रोहिणी नगर तृतीय, कल्पना नगर, स्वप्न लोक।
बिजली-पानी नहीं
इन योजनाओं में बिजली की सुविधा नहीं है। ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। पानी के लिए टंकिया भी नहीं बनी हैं। लोगों का कहना है कि पानी के बिना भूखंड की चारदीवारी कैसे बनाएं।