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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.
जोगी खेमे की मुहिम की वजह से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चरणदास महंत और नेता प्रतिपक्ष श्री कर्मा ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है। दोनों पक्षों की मुहिम ने प्रदेश कांग्रेस के विवाद को निर्णायक दौर में पहुंचा दिया।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्री वोरा के अस्पताल से लौटने पर पार्टी प्रदेश कांग्रेस के बारे में निर्णय होगा। एक-दो दिन वे अस्पताल से लौट जाएंगे। उसके बाद तय होगा कि प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व बदलेगा या श्री महंत को कार्यकारिणी ऐलान करने का मौका। जोगी खेमा लगातार दावा कर रहा है कि श्री महंत और श्री कर्मा को बदला जा सकता है। हालांकि पार्टी से ऐसे संकेत नहीं मिले।
इन अटकलों के बीच, दिल्ली में डेरा जमाए श्री कर्मा ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने का समय मांगा है। उनकी मुलाकात कल हो सकती है। संकेत हैं कि कल उनकी श्रीमती गांधी से मुलाकात होगी। श्री कर्मा पार्टी अध्यक्ष से आग्रह कर सकते हैं कि राज्य में चुनावी तैयारी को प्राथमिकता दी जाए। बाकी मुद्दों पर फैसला बाद में हो जाएगा।
दूसरी ओर, श्री महंत अपनी कुर्सी बचाने के साथ ही प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी तैयार करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक का उन्हें पूरा सहयोग है।
श्री वासनिक ने दैनिक भास्कर से कहा कि पार्टी अध्यक्ष श्रीमती गांधी ने चार राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उड़ीसा व दिल्ली में संगठन को मजबूत करने के साथ सक्रिय करने का आदेश दिया है। 14 माह बाद इन राज्यों में विधानसभा चुनाव होना है। श्री वासनिक ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी को लेकर सभी नेताओं से चर्चा चल रही है।
कार्यकारी अध्यक्ष पर विचार
सूत्रों का दावा है कि प्रदेश कार्यकारिणी में जोगी समर्थकों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिए जाने पर सहमति बन गई है। जोगी समर्थकों के नाम भी तय कर लिए गए हैं। जरुरत पड़ी तो कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति की जा सकती है। कार्यकारिणी की घोषणा हो गई तो प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की मुहिम ठंडी पड़ जाएगी।
संयुक्त दौरा 17 से
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चरणदास महंत व नेता प्रतिपक्ष महेन्द्र कर्मा ने संयुक्त दौरे का दूसरा चरण 17 सितंबर से शुरु करने का मन बनाया है। उनका कार्यक्रम भी तय हो चुका है। दिल्ली की उठापटक रविवार 16 सितंबर तक खत्म होने की संभावना है।
वीसी के लिए जोर
चरणदास महंत के इशारे पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम भाजपा से नाता तोड़कर दिल्ली पहुंच गए हैं। उन्हे अब कांग्रेस की सदस्यता मिलने का इंतजार है। श्री महंत विद्याचरण शुक्ल व अरविंद नेताम की एकसाथ वापसी चाह रहे हैं। श्री शुक्ल के लिए प्रयास तेज कर दिए गए।