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इंदौर.
खजराना गणेश मंदिर में सात दशक बाद भगवान को नए नेत्र लगाए गए। गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले सोने से बने और डायमंड लगे नेत्र विधि-विधानपूर्वक प्रतिष्ठित किए गए। इसके बाद चोला चढ़ाया गया। सोने से बने करीब ढाई लाख रुपए कीमत की आंखों पर कोटिंग किया हुआ है। दोनों आंखों में डायमंड लगे हैं जिनकी कीमत करीब एक लाख रुपए है।
मंदिर के प्रमुख पुजारी पं. भालचंद्र भट्ट के मुताबिक करीब 70 वर्षो बाद दूसरे नेत्रों को लगाया गया है। देवास के एक अग्रवाल परिवार ने गुप्त दान किया है। पं. अशोक भट्ट के अनुसार अभिजीत मुहूर्त में गणेश पूजन, मंडल पूजन के बाद विधि-विधानपूर्वक प्रतिष्ठित किया गया। अन्नाधिवास, फलाधिवास भी हुआ।
इसलिए लगे
पं. भट्ट के अनुसार मंदिर में हर दिन चोला चढ़ता है, इस वजह से भगवान की आंखें काफी अंदर की ओर चली गई थीं। मंदिर की प्रतिमा की लंबाई भी काफी बढ़ गई। इस वजह से नए नेत्र लगाए गए। पं. भट्ट के अनुसार पुराने नेत्रों को निकालते नहीं हैं, उन पर सिंदूर लगा दिया जाता है। सिंदूर लगाने के बाद उस पर नए नेत्रों को प्रतिष्ठित करते हैं।
खजराना गणेश मंदिर में 11 लाख मोदक का भोग
खजराना गणेश मंदिर में दस दिनी गणेशोत्सव की शुरुआत दोपहर 12 बजे कलेक्टर विवेक अग्रवाल और प्रशासक गौतमसिंह मोदक का भोग लगाएंगे और ध्वजा पूजन करेंगे। अतिथि लोक निर्माण मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, शिक्षामंत्री लक्ष्मणसिंह गौड़, विधायक महेंद्र हार्डिया, वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेश जोशी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद टंडन व रघु परमार होंगे।
11 लाख मोदक पं. भालचंद्र भट्ट के मार्गदर्शन में चढ़ेंगे। पूजन पं अशोक भट्ट, सतपाल भट्ट संपन्न कराएंगे। सिद्धि विनायक भक्त मंडल के संयोजक अरविंद बागड़ी ने बताया मंदिर में चार लाख मोदक बन चुके हैं। सवा लाख मोदक सिद्धि विनायक फाउंडेशन की ओर से, एक लाख रघु परमार, 50 हजार श्री टंडन की ओर से चढ़ाए जाएंगे।
दस दिनों में 11 लाख मोदक का भोग लगेगा। शाम को फूल बंगला सजेगा। मोदक जगन्नाथ नारायण सहायक ट्रस्ट के सहयोग से आठ दिनों में बने हैं। 20 भट्टी पर 50 महाराज ने मोदक बनाए हैं। मंदिर में दर्शन की व्यवस्था महाकाल की तर्ज पर की गई है। मोदक के लिए निशांत न्याती का भी विशेष सहयोग रहा।