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बठिंडा नशीले पदार्थे की तस्करी के आरोप में यहां की केंद्रीय जेल में बंद कैदी की वीरवार देर रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। जेल अधिकारी इसे कुदरती मौत बता रहे हैं, जबकि कैदी के परिजनों मारपीट का आरोप लगाया है। बठिंडा के उपायुक्त राहुल तिवारी ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
मंजीत सिंह निवासी गांव सैदेवाला को मानसा पुलिस ने वर्ष 2000 में भुक्की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। 2005 में एडीशनल सैशन जज मानसा की कोर्ट ने मंजीत को भुक्की तस्करी के आरोप में 20 वर्ष की कैद और 2 लाख जुर्माने की सजा सुनाई थी।
केन्द्रीय जेल बठिंडा के सहायक डिप्टी सुपरिटैंडैंट कुलवंत सिंह के अनुसार मंजीत पिछले काफी समय से बीमार चल रहा था और रात अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। इलाज के लिए सिविल अस्पताल बठिंडा लाया गया था जहां देर रात उसकी मौत हो गई।
मंजीत के भाई हरभजन सिहं, गुरचरण सिंह व गांव सैदेवाला के सरपंच प्रीतम सिंह ने कहा कि उसकी मौत जेल अधिकारियों द्वारा की गई मारपीट से हुई है। उसके परिजनों ने बताया कि मंजीत के शरीर पर कई जगह मारपीट के नीले निशान थे। मंजीत के भाई हरभजन सिंह ने बताया कि 10 सिंतबर को जब उन्होंने जेल में बातचीत की थी तो उसने बताया कि पैरोल पर छुट्टी के लिए जेल अधिकारी उससे पैसों की मांग कर रहे हैं और जेल में उसके साथ मारपीट भी की जाती है।