Breaking News 
bhaskar Web English


HomeNewsRajasthanJodhpur Jodhpur

ग्वारगम की क्वालिटी जांचेगा यूरोपियन दल

जोधपुर. पांच दशक से दुनिया के कई देशों में फूड ग्रेड में इस्तेमाल होने वाले ग्वारगम की क्वालिटी पर यूरोपीय संघ ने अंगुली उठाई है। इससे पिछले तीन महीने guargumमें ग्वारगम निर्यात पर असर पड़ने के साथ ही यह घाटे का सौदा साबित होने लगा है।

हालांकि राजस्थान से निर्यात होने वाले ग्वारगम में हानिकारक रसायन डायओक्सीन नहीं पाया गया है। ग्वारगम निर्यात में सबसे अग्रणी जोधपुर में ग्वारगम की क्वालिटी जांचने अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में यूरोपीय यूनियन का दल पहुंच रहा है। इस दल के दौरे से जोधपुर के ग्वारगम व्यवसाय पर मंडराए संकट के बादल छंटने की उम्मीद है।

ग्वारगम पाउडर से बनने वाले फूड प्रोडक्ट और डेयरी प्रोडेक्ट प्रिजर्व करने में आई शिकायत के बाद दो महीने पूर्व स्विस कंपनी यूनीपेक्टीन ने यूरोपियन मार्केट से भारत की काशीपुर उत्तरांचल की एक कंपनी के ग्वारगम उत्पाद वापस भेज दिए थे। उन उत्पाद में डायओक्सीन की मात्रा अधिक होने से यूरोपीय संघ ने भारत से निर्यात होने वाले ग्वारगम पाउडर की क्वालिटी पर ही अंगुली उठाना शुरू कर दिया। तय मापदंड के अनुरूप क्वालिटी न होने पर माल वापस लौटाने की शर्त के साथ ही पाउडर की टेस्ंिटग अनिवार्य कर दी। इससे यूरोप के 96 देशों को भारत से निर्यात होने वाले ग्वारगम व्यवसाय संकट में आ गया।

टेस्टिंग करना महंगा पड़ा
यूरोपीय संघ की शर्त के मुताबिक भारतीय निर्यातकों को जर्मनी की लैबोरेटरी में ग्वारगम पाउडर की टेस्टिंग कराना महंगा पड़ने लगा है। एक कंटेनर में 15 बैग ग्वारगम पाउडर की टेस्टिंग के डेढ़ लाख रुपए अदा करने पड़ते हैं। बिना टेस्टिंग पाउडर बाजार में बिकने नहीं जा सकता है और पाउडर में यदि डायओक्सीन की मात्रा तय मापदंड से अधिक होने पर माल वापस लौटा देने का खतरा बना ही रहता है।

सर्वाधिक निर्यात जोधपुर से
राजस्थान ग्वारगम मैन्यूफैक्चरिंग एसो. के अध्यक्ष जीवनमल गांधी के अनुसार विश्व भर में ग्वारगम का अस्सी प्रतिशत निर्यात भारत से और बीस प्रतिशत पाक से होता है। भारत से पिछले वित्तीय वर्ष में 1 लाख 86 मैट्रिक टन ग्वारगम का निर्यात हुआ। उसमें से 70 प्रतिशत राजस्थान से और राजस्थान में 80 प्रतिशत जोधपुर से निर्यात हुआ है। पिछले साल जोधपुर से 480 करोड़ का ग्वारगम निर्यात किया गया। एसो. के सचिव रमेश सिंघल ने बताया कि यूरोपीय देशों में क्वालिटी को लेकर उठे बवाल की वजह से दो महीने में 20 प्रतिशत निर्यात कम हो गया है।

20फीसदी ग्वारगम फूड ग्रेड का
देश से निर्यात होने वाले ग्वारगम में से बीस प्रतिशत फूड ग्रेड ओर बाकी इंडस्ट्रीज में इस्तेमाल होता है। ग्वारगम की पाउडर की क्वालिटी पर संदेह होने पर जोधपुर के ग्वारगम की टेस्टिंग हैदराबाद स्थित लैबोरेटरी में करवाने पर उसमें डायओक्सीन रसायन नहीं पाया गया। यूरोपियन यूनियन का दल 5 से 7 अक्टूबर को भारत पर दौरे पर रहेगा। संभवतया 6 अक्टूबर को जोधपुर आएगा। यह दल यहां ग्वारगम की क्वालिटी के साथ ही निर्यात करने की व्यवस्थाओं को जांचेगा।

* जोधपुर के ग्वारगम की क्वालिटी यूरोपीय यूनियन के मापदंड के अनुरूप है। यूनियन के निरीक्षक दल के दौरे से जो भ्रांतियां उत्पन्न हो रही हैं, उसके दूर होने की उम्मीद है।
—जीवनमल गांधी राजस्थान ग्वारगम मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: