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अमृतसर केंद्रीय जेल गुमटाला में बंद गांव माहल निवासी गुरदयाल सिंह उर्फ लाल सिंह लाली की गुरु नानक देव अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। परिजनों ने मौत का कारण जेल में हुई पिटाई बताया है। उनका आरोप है कि इलाज के लिए जेल के डाक्टर ने उनसे 14,000 रुपए रिश्वत भी ली।
मृतक के पिता अमर सिंह और मां वीरो ने बताया कि उनके बेटे लाली को पुलिस ने भगौड़ा करार देते हुए इस साल 10 जनवरी को गुमटाला जेल भेज दिया। वहां उसे कई बार पीटा गया। वह अकसर बीमार रहता था।
भाई अजीत कौर और मां का आरोप है कि लाली के इलाज के एवज में जेल के डाक्टर ने उनसे 14,000 रुपए रिश्वत मांगी। कर्ज लेकर उन्होंने डाक्टर को पैसे दिए। 13 सितंबर को तबियत बिगड़ने के बाद वे जेल में पता करने पहुंचे तो लाली ने बताया कि उसे बुरी तरह से पीटा गया है। उसके मुंह से खून आने लगा था। उन्होंने इलाज के लिए लाली को अलग से 2,000 रुपए दिए। घर आए तो दूसरे दिन पता लगा कि उसकी मौत हो गई है। लाली के परिजनों ने डीजीपी, आईजी, एसएसपी, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, चीफ जस्टिस को पत्र लिख इंसाफ की गुहार लगाई है।
लाली नशेड़ी था। उसकी मौत कुदरती तौर पर हुई है। जेल में पीटे जाने का आरोप बेबुनियाद है।
-बलकार सिंह भुल्लर, जेल डिप्टी सुपिरिंटैंडैंट