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जूडा करेगा जेएएच ओपीडी में ताला बंदी

ग्वालियर. जीआर मेडिकल कालेज जूनियर डाक्टर एसोसिएशन शनिवार को सुबह जेएएच समूह की ओपीडी माधव डिस्पेंसरी में ताला बंदी करेगी। उसके बाद एसोसिएशन एक मौन रैली निकालेगी। जूनियर डाक्टरों की हड़ताल के कारण जयारोग्य अस्पताल समूह की रुटीन चिकित्सा सेवाएं तो ठप हो ही गई हैं, इसके अलावा इमरजेंसी सेवाएं भी ठीक तरह से नहीं चल पा रही हैं।

अस्पताल में पिछले चार दिनों से एक भी रुटीन आपरेशन नहीं हुआ है और न ही ओपीडी ठीक तरह से चल पाई है। एमसीआई (मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया) से जीआर मेडिकल कालेज के पीजी कोर्सो की मान्यता बहाली व स्टेट मेडिकल काउंसिल में पीजी डिग्री के पंजीयन की मांग को लेकर जूनियर डाक्टरों ने जयारोग्य अस्पताल समूह में 1१ सितंबर से काम बंद हड़ताल कर दी थी।

हड़ताल के चौथे दिन शुक्रवार को सुबह 11.25 बजे हड़ताली जूनियर डाक्टरों के समर्थन में स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारी भी जमा हो गए और उसके बाद सामूहिक प्रदर्शन कर एमसीआई व राज्य शासन के खिलाफ नारे लगाए।

प्रदर्शन में स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के संभागीय अध्यक्ष प्रमोद लोहपात्रे, जिला अध्यक्ष मधुसूदन शर्मा, महामंत्री रेखा परमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे, उन्होंने जूनियर डाक्टरों को भरोसा दिलाया कि यदि शासन ने मांगें नहीं मानी तो संघ भी उनके साथ आंदोलन करेगा।

प्रदर्शन के बाद हड़ताली जूनियर डाक्टर ओपीडी माधव डिस्पेंसरी पहुंच गए और उन्होंने कंसल्टेंट व स्टाफ से भी काम बंद करने का आग्रह किया। माधव डिस्पेंसरी से मरीज व सीनियर डाक्टरों को बाहर करने के बाद जेएएच परिसर में धरने पर बैठ गए। जूनियर डाक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डा.दीपक यादव का कहना है कि शुक्रवार को रीवा मेडिकल कालेज के जूनियर डाक्टर हड़ताल पर चले गए हैं।

भोपाल सहित अन्य मेडिकल कालेजों के जूनियर डाक्टर भी हड़ताल पर जाने वाले हैं।जयारोग्य अस्पताल समूह के संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक डा.पीसी महाजन का कहना है कि इमरजेंसी सेवाएं जारी रखने में मदद के लिए सीएमएचओ ने तीन डाक्टरों को जेएएच में रिपोर्ट करने के आदेश दिए हैं और शुक्रवार को एक डाक्टर ज्वाइनिंग देकर चला गया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को ओपीडी में 525 मरीज आए, जो बुधवार की तुलना में अधिक थे।

फिर हुई कालेज काउंसिल की बैठक
जीआर मेडिकल कालेज की डीन डा.शैला सप्रे की अध्यक्षता में हुई कालेज काउंसिल की बैठक में एक बार फिर जूनियर डाक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों से हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया गया।

काउंसिल के सदस्यों ने वर्ष 2004 का उच्च न्यायालय का वह आदेश भी उन्हें दिखाया जिसमें हड़ताल पर रोक की बात कही गई थी। जूडा अध्यक्ष डा.दीपक यादव ने साफ कह दिया कि उच्च न्यायालय के आदेश का जूडा सम्मान करता है लेकिन इस आदेश की गलत तरह से व्याख्या की जा रही है।

रेफर का काम भी बंद
जयारोग्य अस्पताल समूह में जूनियर डाक्टरों की हड़ताल के कारण एम्स दिल्ली या अन्य सुपर स्पेशलिटी सेंटरों में शासकीय सेवा वाले गंभीर मरीजों को रेफर करने का काम नहीं हो पा रहा है।

दरअसल, सरकारी कर्मचारियों के मेडिकल बिलों का रिएम्बर्समेंट होता है और उन्हीं सुविधाओं के लिए मरीजों को रेफर किया जाता है जो प्रदेश के अन्य किसी सरकारी अस्पताल में उपलब्ध न हो। हृदय रोग सहित अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित कई मरीज हड़ताल खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं।





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