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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. गेंड़े वाली सड़क स्थित अल्पकालीन महिला आवास गृह से चार लड़कियां शुक्रवार की सुबह भाग निकलीं। घटना सुबह सवा नौ बजे की है। पुलिस ने मामले की जांच और भागी लड़कियों की तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार इंदरगंज थानाक्षेत्र में गेंड़ेवाली सड़क पर अल्पकालीन महिला अवास गृह स्थित है, शुक्रवार की सुबह यहां प्रतिदिन की तरह कार्य चल रहा था। आवास गृह की अटेंडर कुसुम जादौन नहाने के लिए गई थीं, इसी दौरान एक लड़की ने कहा कि फोन की घंटी बज रही है, फोन अटेंड करने के लिए कुसुम पहुंची इस दौरान लड़की ने मेन गेट की चाबी पार की और इसके बाद मौका ताड़कर चार लड़कियां मेन गेट का ताला खोलकर भाग निकलीं।
भागने वाली लड़कियों में पूजा दांगी निवासी विदिशा, सपना माथुर निवासी जनकगंज, सीतू शर्मा निवासी शिवपुरी और शारदा उर्फ साजो जाटव निवासी गोला का मंदिर शामिल हैं।
बचाओ-बचाओ चिल्लाती भागी लड़कियां :
अल्पकालीन महिला आवास गृह से भागी लड़कियां मुख्य द्वार से निकलते समय बचाओ-बचाओ चिल्लाईं और उसके बाद सरपट भाग निकलीं। महिला आवास गृह से कुछ दूर भागने के बाद वे गलियों में रास्ता भटकीं और उन्होंने स्थानीय निवासियों से रास्ता पूछा और निकल भागीं। यह घटनाक्रम उन लोगों ने बताया जो लड़कियों को चिल्लाते हुए भागता देखकर आवास गृह के आसपास एकत्रित हुए थे।
जिम्मेदारी लेने से बचता रहा प्रबंधन :
अल्पकालीन महिला आवास गृह से लड़कियों के भागने की सूचना मिलने के बाद प्रबंधन लीपा-पोती में जुट गया। लड़कियां कैसे और क्यों भागीं यह बताने के लिए प्रबंधन का कोई अधिकारी सामने नहीं आया।
मौके पर पहुंचे मीडियाकर्मियों ने जब इनसे बातचीत कर पूरे मामले की हकीकत जानना चाही तो इनका उलट सवाल था कि यहां से लड़कियों के भागने की खबर लीक कैसे हुई, उन्हें सूचना कहां से मिली।
पहले भी हो चुकी हैं भागने की घटनाएं :
इंदरगंज पुलिस का कहना है कि यहां से लड़कियों के भागने की यह पहली घटना नहीं है, कुछ साल पहले भी यहां से लड़कियां भागी थीं और वे बाद में मिल भी गईं थीं।
सुरक्षा का हर तरीका अपनाया :
अल्पकालीन महिला आवास गृह से पूर्व में लड़कियों के भागने की हुई घटनाओं के बाद प्रबंधन ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने देने के लिए हर तरीका अपनाया। इन्होंने वह पेड़ भी कटवाया जो आवास गृह की दीवार को छूता था इसके अलावा दीवारों पर भी जंगला लगवा दिया लेकिन इसके बावजूद जो लड़कियां भागना चाहती थीं उन्होंने भागने का तरीका ढूंढ ही लिया।
तैयारी पहले से थी, मौका मिला और भाग निकलीं :
आवास गृह के प्रबंधन की पुलिस और प्रशासन से बातचीत के बाद जो बातें निकलकर आईं हैं उनसे पता चला है कि ये चारों लड़कियां कुछ दिनों से भागने की योजना बना रही थीं। आवास गृह के कर्मचारियों ने बताया कि ये लड़कियां कुछ दिनों से और लड़कियों से अलग बतियाती दिखाई देती थीं। इनके भागने के बाद कर्मचारियों ने अनुमान लगाया है कि अलग-थलग रहकर वे संभवत: भागने की योजना ही बना रहीं थीं।
लड़कियों को भगाने में उनके प्रेमियों का हाथ तो नहीं ? :
लड़कियां कैसे भागीं, यह तो सबके सामने है लेकिन उन्हें भागने के लिये प्रेरित करने में किसका हाथ है यह पुलिस की जांच का विषय है। भागने वाली लड़कियों के बारे में पुलिस का कहना है कि वे पहले अपने घर से प्रेमियों के साथ भागीं थीं और उसके बाद ही अल्पकालीन महिला आवास गृह में इन्हें भेजा गया था। इसलिए पुलिस उन लोगो के बारे में भी पता लगा रही है, जिनके साथ वे पहले भी भाग चुकीं हैं।
क्या कारण हो सकते हैं, लड़कियों के भागने के :
>> लड़कियां किन कारणों से भागीं, उनको पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस उन सभी संभावनाओं पर भी विचार कर रही है, जिनसे लड़कियों के भागने का ताल्लुक हो सकता है।
>> अल्पकालीन महिला आवास गृह में किसी तरह की परेशानी तो नहीं थी।
>> इन्हें प्रताड़ित तो नहीं किया जा रहा था।
>> इन लड़कियों का महिला आवासगृह के आसपास आने वाले किसी लड़के से मिलना-जुलना तो नहीं था।