नई दिल्ली.रामसेतु मामले में विपक्ष के आरोपों के से घिरी सरकार ने आज डैमेज कंट्रोल के तहत भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (एएसआई)विभाग के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया।
निलंबित अधिकारियों में एक निदेशक रेँक का अधिकारी है। यह अधिकारी लंबे समय से इस मामले को देख रहा था। जबकि दूसरा अधिकारी वो है, जिसने सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे का ड्राफ्ट तैयार किया था।
गौरतलब है एएसआई ने केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में यह हलफनामा दायर कर कहा था कि रामसेतु की अवधारणा पूरी तरह बेबुनियाद है। हलफनामे में कहा गया था कि इस इस बात का कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है कि साढ़े छह हजार वर्ष पहले भगवान राम ने यह पुल बनवाया था। हालांकि हिंदू मान्यताओं के अनुसार यह वही रामसेतु है, जिसका जिक्र रामायण में किया गया है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और जनता पार्टी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने याचिका दायर कर रामसेतु पुल को तोड़ने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। इस पर ३१ अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने सेतु समुद्रम परियोजना के लिए रामसेतु तोड़ने पर रोक लगा दी थी।