नई दिल्ली. रामसेतु पर विवादास्पद हलफनामे के मामले ने शनिवार को एक और राजनीतिक मोड़ लिया और केंद्र के ही एक मंत्री द्वारा संस्कृति मंत्री अंबिका सोनी पर निशाना साधे जाने के बाद सोनी ने इस्तीफा दिए जाने का संकेत दिया।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वे अपने मंत्री पद को छोड़ने में एक मिनट का समय भी नहीं लगाएंगी अगर उनके नेता यानी कि प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी उनसे ऐसा करने को कहेंगे।
इस पूरे मामले पर कोलकाता में केंद्र सरकार के वाणिज्य राज्य मंत्री जयराम रमेश ने कहा था कि अगर वे संस्कृति मंत्री होते तो वे इस्तीफा दे देते। रमेश के इस बयान से जुड़े सवाल के जवाब के रूप में सोनी ने यह बात कही। रमेश ने यह भी कहा था कि भारतीय पुरातत्व सर्वे द्वारा गलत हलफनामा तैयार किया गया और संस्कृति मंत्री को इसकी जानकारी तक नहीं थी।
हालांकि मनमोहन और सोनिया के कहे जाने पर इस्तीफा देने के लिए तैयार सोनी ने रमेश की टिप्पणी पर यह प्रतिक्रिया भी दी कि वे जयराम रमेश नहीं हैं।