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रामसेतु मुद्दा : अंबिका का इस्तीफे का संकेत

नई दिल्ली. रामसेतु पर विवादास्पद हलफनामे के मामले ने शनिवार को एक और राजनीतिक मोड़ लिया और केंद्र के ही एक मंत्री द्वारा संस्कृति मंत्री अंबिका सोनी पर निशाना साधे जाने के बाद सोनी ने इस्तीफा दिए जाने का संकेत दिया।

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वे अपने मंत्री पद को छोड़ने में एक मिनट का समय भी नहीं लगाएंगी अगर उनके नेता यानी कि प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी उनसे ऐसा करने को कहेंगे।

इस पूरे मामले पर कोलकाता में केंद्र सरकार के वाणिज्य राज्य मंत्री जयराम रमेश ने कहा था कि अगर वे संस्कृति मंत्री होते तो वे इस्तीफा दे देते। रमेश के इस बयान से जुड़े सवाल के जवाब के रूप में सोनी ने यह बात कही। रमेश ने यह भी कहा था कि भारतीय पुरातत्व सर्वे द्वारा गलत हलफनामा तैयार किया गया और संस्कृति मंत्री को इसकी जानकारी तक नहीं थी।

हालांकि मनमोहन और सोनिया के कहे जाने पर इस्तीफा देने के लिए तैयार सोनी ने रमेश की टिप्पणी पर यह प्रतिक्रिया भी दी कि वे जयराम रमेश नहीं हैं।



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J.P.Yadav
Sunday, 16th Sep 2007, 22:50
It was all poll politics that the Hindu diehards are after. Ramayana was just a literature based on myths and there is nothing historical. NASA has already refuted the false claims made by whippers of the events. According to NASA they never established any dates of happenings of any event of Ramayana. It is strange how these people quoted NASA like this. No body having little common sense should have faith about unscientific pleas. People should rise to occasion and give befitting reply to such elements who are just after usurping the chair sometimes flaring sentiments on nuclear deal and sometimes on such religious issues. Such people are putting obstacles to the development of the country by a sincere and most honest leader Manmohan Singh. Media should rise to the occasion by educating the masses who are mislead by unscruplous fanatics.