सदियों से हम पुदीने का इस्तेमाल करते चले आ रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसमें कितने औषधीय गुण हैं। इसका इस्तेमाल पेट की मरोड़ को ठीक करने में तो
होता ही है। साथ ही साथ यह कई घातक बैक्टीरिया और फंगस के बढ़ने की रफ्तार को कम कर देता है।
अस्थमा व एलर्जी से बचाए
पुदीने के फंगस विरोधी गुणों के कारण ही अस्थमा और एलर्जी जैसी बीमारियों में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। इतना ही नहीं पुदीना मानसिक तनाव और चिंता को भी कम करता है। उल्टी और दस्त जैसे विकारों में तो इसका इस्तेमाल जगजाहिर है।
कैंसर से बचाव में सहायक
पुदीने में कैंसर से लड़ने की भी अद्भुद क्षमता है। इसमें पेरिलिल एल्कोहल नामक एक फाइटोन्युट्रिएंट होता है। यह फाइटोन्युट्रिएंट कोलोन, स्किन और फैंफड़ों के कैंसर को रोकता है। कैंसर के उपचार में इसके इस्तेमाल से परंपरागत उपचार के बनिस्बत कम साईडइफैक्ट होते हैं। पुदीना ट्यूमर की रक्त कोशिकाओं पर वार करके कैंसर को रोकता है।
अन्य प्रयोग
पुदीने की पत्तियां लोग खाने में इस्तेमाल करते हैं। वैसे ज्यादातर इसका इस्तेमाल पुदीने के अर्क के रूप में होता है। इसके अलावा आजकल पुदीने की गोलियों का चलन भी बढ़ गया है और यह हमारे कई खाद्य पदार्थो के साथ-साथ गला साफ करने वाली गोलियों में भी पाया जाता है।