नई दिल्ली. दिल्ली की शिक्षिका उमा खुराना को वेश्यावृत्ति का रैकेट चलाने के मामले में फंसाने वाले झूठे स्टिंग ऑपरेशन में सहयोगी रही रश्मि सिंह (25) को
शनिवार को स्थानीय अदालत ने 20 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत दे दी, जबकि पत्रकार प्रकाश सिंह और व्यवसायी वीरेंद्र अरोड़ा को 17 सितंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट आलोक अग्रवाल ने रश्मि को जमानत देते हुए कहा कि उसने स्टिंग ऑपरेशन में प्रकाश सिंह का साथ इसलिए दिया था, क्योंकि सिंह ने उससे कहा था कि खुराना द्वारा चलाए जा रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए उसकी मदद की जरूरत है।
कोर्ट ने कहा, ‘आरोपी रश्मि सिंह अंशकालिक पत्रकार थी और मुख्य आरोपी प्रकाश सिंह ने उसे स्टिंग ऑपरेशन में सहयोग देने के बदले चैनल में नौकरी दिलवाने का आश्वासन दिया था।’इससे पहले दिल्ली पुलिस स्टिंग ऑपरेशन को फर्जी और उसमें फंसी शिक्षिका उमा खुराना को बेदाग बता चुकी है।
वरना दूसरा चैनल फंसता : कोर्ट में बताया गया कि रश्मि एक अन्य निजी चैनल में काम करती थी। उसने यह स्टिंग ऑपरेशन उसे देने की कोशिश की, लेकिन चैनल ने यह कहते हुए मना कर दिया कि वह छोटे मामलों का प्रसारण नहीं करता।
रश्मि को भी धोखा दिया : प्रकाश ने रश्मि से कहा था कि उसका नाम सहायक क्राइम रिपोर्टर के रूप में जाएगा। कैमरे के सामने उसे स्कूल स्टूडेंट के रूप में आना होगा। रश्मि के विरोध करने पर उसे धमकी दी गई कि उसे कॉलगर्ल के रूप में प्रचारित कर दिया जाएगा। स्टिंग ऑपरेशन के प्रसारण के तत्काल बाद रश्मि ने फोन पर थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी।