भोपाल. समाचार को सनसनीखेज बनाने तथा टीआरपी बढ़ाने के उद्देश्य से कुछ निजी टीवी चैनल झूठे स्टिंग आपरेशन बनाकर उन्हें प्रदर्शित करने का कार्य कर रहे हैं। यह एक सामाजिक अपराध है तथा मीडिया के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा के गलत मापदंड स्थापित हो रहे हैं।
सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के इन प्रयासों पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। यह विचार प्रसार भारती बोर्ड के सदस्य डा. सुनील कपूर ने शनिवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में व्यक्त किए।
डा. कपूर ने हाल ही में सुश्री उमा खुराना के झूठे स्टिंग आपरेशन का उदाहरण देते हुए कहा कि यह एक गंभीर सामाजिक अपराध है। किसी भी आदमी को यह हक नहीं है कि वह किसी व्यक्ति का इस प्रकार चारित्रिक हनन करे। यह मानव अधिकारों का हनन है।
उन्होंने बताया कि प्रसार भारती बोर्ड इस विषय को बड़ी गंभीरता से ले रहा है। यदि निजी चैनल स्वयं नैतिक सीमाओं में रहकर कार्य नहीं करते हैं और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो बोर्ड कड़ी कार्रवाई करने में नहीं हिचकेगा।