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जीएमसी में सोमवार से हड़ताल

भोपाल. राज्य के मेडिकल कॉलेजों में चल रहे विवाद के बीच राजधानी स्थित गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी कॉलेज के डीन को शनिवार को हड़ताल का नोटिस दे दिया है। पीजी छात्र 48 घंटे बाद सोमवार से हड़ताल शुरू कर देंगे।

कॉलेज में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष दीक्षित ने इस नोटिस की पुष्टि की है। इंदौर में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आनंद राय ने बताया कि सोमवार को कॉलेज के डीन को नोटिस देकर छात्र मंगलवार से हड़ताल शुरू करेंगे।

जबलपुर के एनएससीबी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष मिश्रा ने बताया कि शनिवार शाम चार बजे से कॉलेज के सभी यूजी और पीजी छात्र हड़ताल पर चले गए हैं।

क्या कहती है वेबसाइट :
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में 154 पीजी सीटों पर प्रवेश रोकने की सिफारिश की गई है। मेडिकल कॉलेजों में इन सीटों को मान्यता नहीं मिलने का प्रमुख कारण शिक्षण स्टाफ, उपकरण और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी बताई गई है।

नहीं मानता वेबसाइट को
प्रदेश का चिकित्सा शिक्षा विभाग एमसीआई की वेबसाइट पर दी गई उस जानकारी को मानने के लिए तैयार नहीं है, जिसमें राज्य के मेडिकल कालेजों में 154 पीजी सीटों पर प्रवेश रोकने की सिफारिश की गई है। विभाग के आला अफसरों का कहना है कि वेबसाइट पर दी गई जानकारी से उनका कोई सीधा संबंध नहीं है।

एमसीआई का काम केंद्र सरकार को सिफारिशें भेजने का है। केंद्र सरकार ही कॉलेजों में पीजी पाठ्यक्रम की सीटों पर प्रवेश देने से रोक लगा सकती है। जबकि स्वयं केंद्र द्वारा ऑल इंडिया कोटे की सीटों पर छात्रों को प्रवेश देकर मप्र के कॉलेजों में भेजा गया है।

>> छात्रों ने 48 घंटे का नोटिस दिया है, उम्मीद है कि छात्र हड़ताल पर नहीं जाएंगे, यदि हड़ताल शुरू होती है तो असिस्टेंट प्रोफेसर की ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि मरीजों को परेशानी न हो।
डॉ. निर्भय श्रीवास्तव, डीन गांधी मेडिकल कॉलेज

>> मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा कॉलेजों का निरीक्षण करके सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपी जाती है, केंद्र सरकार को अधिकार है कि वह उन सिफारिशों पर निर्णय ले, हमारे पास अभी केंद्र सरकार से ऐसा कोई पत्र नहीं आया है, जिसमें पीजी सीटों पर रोक लगाने को कहा गया हो।
डॉ. वीके सैनी, संचालक चिकित्सा शिक्षा





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