भोपाल.
विश्वविद्यालय परिसर की राजनीति और बिगड़े माहौल से तंग आकर बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलपति राजपाल एस सिरोही ने शनिवार को राज्यपाल बलराम जाखड़ को अपना इस्तीफा सौंप दिया। कुलाधिपति ने श्री सिरोही का इस्तीफा मंजूर कर लिया है।
कुलपति ने उन पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की राजभवन द्वारा जांच कार्रवाई शुरू करने से आहत होकर यह कदम उठाया है। फिलहाल विवि की कमान प्रो पीके मिश्रा को सौंपी गई है, इन्हे प्रभारी कुलपति बनाया गया है।
कुलपति श्री सिरोही पर पिछले दिनों कार्यपरिषद के पूर्व सदस्य जेपी धनोपिया ने करीब 20 मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और राज्यपाल से इसकी जांच कराने की मांग की थी। सूत्र बताते हैं कि राजभवन में गुरुवार को ही इन आरोपों की जांच के लिए समिति बनाया जाना तय हो गया था। इसी से श्री सिरोही असहज हो गए थे।
>> कुलपति ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि मैंने महामहिम का विश्वास खो दिया है, इसलिए मुझे पद पर रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कुलाधिपति से मिल कर इस बारे में चर्चा की और शनिवार सुबह अपना इस्तीफा राजभवन को सौंप दिया। मैं कमलाकर सिंह नहीं हूं, जांच कराने का मतलब है महामहिम को मुझ पर विश्वास नहीं रहा। इसी वजह से मैंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। लगाए गए आरोपों के बारे में राजभवन को ही सोचना होगा।
आरएस सिरोही, कुलपति बरकतउल्ला विश्वविद्यालय
अब जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भी हड़ताल
प्रदेश के पांचों मेडिकल कॉलेजों में पीजी पाठ्यक्रम की 154 सीटों पर एमसीआई की मान्यता समाप्त होने के विरोध में चिकित्सा छात्रों ने प्रदेशव्यापी आंदोलन का मन बना लिया है। ग्वालियर, रीवा के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भी शनिवार से हड़ताल शुरू हो गई है। भोपाल और इंदौर में क्रमश: सोमवार और मंगलवार से हड़ताल की जा रही है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के अनुसार प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेजों में 24 विभागों की पीजी सीटों को एमसीआई की मान्यता नहीं है, वहीं दूसरी ओर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर करीब 42 पाठ्यक्रम की कुल 154 सीटों पर प्रवेश रोकने की सिफारिश की गई है। यह स्थिति सामने आने पर कालेजों में आंदोलन का माहौल बन गया है।