जयपुर. नाहरगढ़ की पहाड़ियों में स्थित आथूणी कुंड में शनिवार को डूबते बड़े भाई को बचाने की कोशिश में बहन, भाई और उसके दोस्त ने जान गंवा दी। हादसे में
बड़े भाई की जान भी नहीं बच सकी। ये सभी शास्त्रीनगर की टाटा नगर कॉलोनी के रहने वाले थे।
अति. पुलिस अधीक्षक महेंद्रसिंह ने बताया कि शनिवार दोपहर भट्टा बस्ती थाने के टाटा नगर निवासी 10-11 लड़के-लड़कियां दोपहर में गढ़ गणोश मंदिर में दर्शन के बाद नाहरगढ़ की पहाड़ियों में घूमने निकल गए। ये सभी शिवाजी नगर के पास पहाड़ियों से दोपहर 3.30 बजे आथूणीकुंड पर पहुंचे। कुंड में 25 से 30 फुट पानी है।
यहां पहुंचकर युवक लाला माली पुत्र नाथूलाल नहाने के लिए पानी में उतरने लगा। इस दौरान पैर फिसलने से लाला गहरे पानी में चला गया। उसे तैरना नहीं आता था। डूबने पर उसने आवाज लगाई तो उसकी छोटी बहन कुसुम, भाई शंकर व उसका दोस्त कपिल सिंधी भी पानी में कूद गए। कपिल इनका पड़ोसी भी था। ये तीनों भी तैरना नहीं जानते थे, लेकिन डूबते भाई की चीख सुनकर इन्हें कुछ नहीं सूझा और ये भी पानी में कूद पड़े।
चारों को डूबता देखकर उनके साथ आए कॉलोनी के अन्य लड़कों ने शोर मचाया, लेकिन जंगल में कोई सुनने वाला नहीं था। कुछ किशोर यहां से भाग कर टीवी टावर पहुंचे और हादसे की सूचना दी। शाम करीब 5.30 बजे सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी व पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। कुंड में शव नहीं मिलने पर गोताखोरों को बुलाया गया। उन्होंने रात करीब 8 बजे शवों को बाहर निकाला। अंधेरा होने के कारण पुलिस ने शवों को पास ही बने पुराने कमरे में रखवा दिया है। वहां सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। रविवार सुबह शवों को अस्पताल लाया जाएगा।
और सूरज डूबने से बच गया
जयपुर. लाला को बचाने की हड़बड़ाहट में टाटानगर का एक बालक सूरज भी पानी में गिर गया। वह डूबने लगा तो वहां मौजूद अन्य लड़कों ने सूझबूझ से काम लिया और अपनी बेल्ट खोलकर उसकी तरफ फेंकी। सूरज ने बैल्ट पकड़ ली और उसे खींचकर बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद से वह सहमा हुआ है।