News
Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर.
इन्दरगंज थाना क्षेत्र के गेड़े वाली सड़क स्थित महिला अनुरक्षण गृह से भागी चार लड़कियों में से तीन का तो अता-पता नहीं है पर एक लड़की शनिवार को खुद-ब-खुद लौट आई। लौटने के साथ ही उसने मीडिया से संपर्क कर अनुरक्षण गृह में लड़कियों को देह व्यापार के लिए मजबूर किये जाने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी।
दोपहर में अचानक मीडिया के बीच पहुंची सपना माथुर ने आरोप लगाया कि संस्था की अधीक्षक मैडम शर्मा, काउंसलर सुनीता और अलका नामक महिला कर्मी उसे और अन्य लड़कियों को देह व्यापार करने के लिए मजबूर करती हैं। इसका विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की जाती है। इससे तंग आकर वे लोग बीते रोज भाग निकलीं।
सपना के मुताबिक देह व्यापार के लिए कुछ लोगों को अनुरक्षण गृह में भी बुलाया जाता है और कभी-कभी लड़कियों को बाहर भी भेज दिया जाता है। जो लड़कियां इस तरह के काम का विरोध करती हैं, उन्हें तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाता है। सपना के इस आरोप से अनुरक्षण गृह की सचिव ही नहीं पुलिस और जिला प्रशासन सकते में है।
शुक्रवार की सुबह मौका पाकर भागी चारों लड़कियों को अनुरक्षण गृह के स्टाफ के साथ पुलिस भी शनिवार की दोपहर तक हर संभावित स्थान पर तलाशती रही। इस सिलसिले में पुलिस विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में स्थित एक कालोनी में रहने वाली वंदना नामक महिला के ठिकाने तक भी पहुंची पर उसे वहां कोई नहीं मिला।
इसी बीच अपराह्न् तीन बजे सपना माथुर के गांधी रोड स्थित एक न्यूज चैनल के दफ्तर पर जा पहुंचने की खबर मिलते ही पुलिस भी वहां जा पहुंची। सपना ने पुलिस के सामने भी अनुरक्षण गृह के लोगों पर सनसनीखेज आरोप लगाये। उसका कहना है कि संस्थान के इन हालातों में वह वहां रहने में घुटन महसूस कर रही थी। इसलिए मौका पाकर चार लड़कियां एक साथ भागी थीं। शेष तीन लड़कियां कहां हैं, उसे जानकारी नहीं है।
पुलिस ने कहा आरोप गलत
इन्दरगंज थाना प्रभारी राकेश गुप्ता ने सपना की कहानी को प्रथम दृष्टया गलत बताया है। उनका कहना है कि संस्थान की लड़कियों से पूछताछ में अब तक ऐसी कोई कहानी सामने नहीं आई है। सपना के बयान दर्ज किए गए है। चूंकि उसके विरुद्ध न्यायिक अभिरक्षा से भागने का मामला दर्ज है इसलिए उसे रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
अस्पताल परिसर में गुजारी रात
जनकगंज निवासी सपना माथुर ने शुक्रवार-शनिवार की रात जयारोग्य अस्पताल परिसर में गुजारी। बकौल पुलिस, सपना का कहना है कि संस्थान से भागने के बाद आटो से वे चारों राक्सी पुल तक पहुंचीं। वहां से तीन लड़कियां अन्यत्र चली गईं जबकि वह जयारोग्य अस्पताल जा पहुंची।
रात में वह अस्पताल परिसर में ही सोई थी। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार की सुबह संस्थान से सपना के साथ पूजा दांगी, सीतू शर्मा व शारदा उर्फ साजो जाटव भी भागी थीं लेकिन अब तक उनका पता नहीं चल सका है। चारों लड़कियां 17 से 21 साल की उम्र की हैं।
सोनू के साथ शादी स्वीकारी
सपना का कहना है कि सोनू वशिष्ठ नामक युवक से उसने शादी की थी। नाबालिग होने के कारण परिजनों ने उसे सोनू से जुदा कर दिया। सोनू के साथ रहने की जिद पर अड़ी रहने के कारण अदालत ने उसे महिला अनुरक्षण गृह भेज दिया। सोनू कहां है इसकी जानकारी उसे नहीं है।
आरोप बेवुनियाद
>> सपना के आरोप बेबुनियाद हैं। पिछले क्रियाकलापों से उसकी मानसिकता का अंदाजा लगाया जा सकता है। जिला व पुलिस प्रशासन लड़कियों के भागने की जांच कर रहा है जिसमें सच्चई उजागर हो जाएगी।
सुमंगला गुप्ता, सचिव महिला अनुरक्षण गृह
तो कब का बंद हो जाती संस्था!
महिला अनुरक्षण गृह की अधीक्षिका मैडम शर्मा से संपर्क करने पर उन्होंने पहले तो यह कहकर बात करने से इनकार कर दिया कि जो कुछ कहेंगी संस्था की सचिव ही कहेंगी। इसके बाद वे बोलीं - यहां किस तरह की लड़कियां आती हैं, सब जानते हैं। जिनका खुद का बैकग्राउण्ड खराब होगा, वे क्या खाक सुधरेंगी। इसके बाद वे बोलीं - अगर संस्था में यही सब हो रहा होता( जैसा सपना का आरोप है) तो यह कभी की बंद हो जाती।
--------
महिला कांग्रेस ने किया प्रदर्शन कहा- मामला गंभीर
शहर जिला महिला कांग्रेस की सदर मंजू चौहान ने महिला अनुरक्षण गृह से चार लड़कियों के गायब होने और अनुरक्षण गृह में देह व्यापार कराये जाने जैसे आरोपों को गंभीर बताते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। महिला कांग्रेस ने पूरे मामले में अनुरक्षण गृह के स्टाफ की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए सवाल उठाये हैं।
गौरतलब है कि अनुरक्षण गृह से चार लड़कियों के गायब होने की खबर के बाद महिला कांग्रेस की अध्यक्ष मंजू चौहान शनिवार को सुबह कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंची थीं। इन लोगों ने अनुरक्षण गृह में रहने वाली लड़कियों से मिलने के साथ ही मामले की जानकारी चाही तो मौके पर मौजूद सचिव सुमंगला गुप्ता भड़क गईं।
उनका कहना था कि आप लोग यहां से चले जायें, नहीं तो वे पुलिस को बुलाकर रिपोर्ट दर्ज करायेंगी। इसको लेकर महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता भड़क गईं और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी।
महिला कांग्रेस की नारेबाजी के बीच ही सुमंगला गुप्ता वहां से चलीं गई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने अनुरक्षणगृह में घुसकर वहां रह रही लड़कियों से पूरे मामले की जानकारी ली। इसी बीच मीडिया के लोग और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
महिला कांग्रेस की सदर मंजू चौहान का आरोप है कि पूरे प्रकरण में अनुरक्षण गृह की व्यवस्था के लिए जिम्मेदार लोग संदेह के घेरे में हैं। लिहाजा, पूरे प्रकरण की जांच गंभीरता से होनी चाहिए। उन्होंने इस संबधं में कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव से भी चर्चा की है।
अनुरक्षण गृह पर प्रदर्शन करने वाली महिलाओं में स्वर्णलता जैन, कमला रोहतगी, पद्मा रामपुरे, ममता भिलवार, अंगूरीबाई, गंगा राठौर, मीनू परिहार, महादेवी परमार, कमला जाटव, मीना यादव, सरलादास और माया दुबे आदि शामिल थीं।