बीकानेर. राज्य सरकार की ओर से लगाए गए नगरीय विकास कर का मसौदा तो तैयार कर लिया है। साथ ही इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है लेकिन परिषद अधिकारी अभी भी समझ नहीं पाए हैं कि एक महीने के बाद इस कर की वसूली का तरीका क्या रहेगा।
बड़ी समस्या उन लोगों के सामने आएगी जो वसूली के लिए जाएंगे। हालात यह हैं कि कर देने वालों का जो क्राइटेरिया तय किया गया है उनमें से कुछ दुकान और मकान वालों ने अग्रिम गृहकर जमा करवा दिया है। इन लोगों से नया कर लिया जाएगा या गृहकर को इसमें समायोजित कर दिया जाएगा। यह सवाल जहां अग्रिम रूप से गृहकर जमा कराने वालों के जेहन में घूमने लगा है वहीं दूसरी ओर अधिकारियों को भी यह सवाल परेशान करने लगा है। अधिकारियों के पास इस सवाल का फिलहाल जवाब नहीं है।
जानकारों का कहना है कि सरकार के स्तर पर भी यह अभी तक तय नहीं हुआ है। अगर सरकार गृहकर देने वालों से नगरीय विकास कर माफ करने का प्रावधान करती है तो यह संदेश जाएगा कि यह कर गृहकर की ही वैकल्पिक व्यवस्था है। यह संदेश सरकार देना नहीं चाहेगी।
इस तरह की असंमजसपूर्ण स्थिति के कई उदाहरण इस नए कर में बताए जा रहे हैं जिसके कारण इस कर को वसूलना एक नई परेशानी बन जाएगी। हालांकि नगर परिषद ने इस कर की वसूली के लिए गृहकर से हटाए गए राजस्व निरीक्षकों को ही लगाने का मानस बनाया है लेकिन वे जब फील्ड में वसूली के लिए जाएंगे तो उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इससे नगर परिषद सभापति मकसूद अहमद भी सहमत हैं।
उनका कहना है कि हालांकि सरकार के निर्देशों की अनुपालना की जाएगी लेकिन अभी तक कई बातें स्पष्ट नहीं है जिससे वसूली के लिए जाने वालों को परेशानी होगी। हम इस संबंध में स्वायत्त शासन विभाग से पत्र-व्यवहार कर रहे हैं।