रेवाड़ी कानून सबूत मांगता है, समय पर अगर आप सबूत पेश नहीं कर पाए तो निर्दोष होते हुए भी जेल की सजा काटनी पड़ जाती है। ऐसा ही हुआ गांव लोहाना के सज्जन सिंह पुत्र मनोहरलाल के साथ। सड़क दुर्घटना के मामले में पुलिस ने कागजातों के आधार पर सज्जन को आरोपी बना लिया। जब उसके परिजनों ने सज्जन की बेगुनाही के सबूत जुटाकर पेश किए तब तक सज्जन 45 दिन की जेल काट चुका था।
पुलिस ने 14 सितंबर को सज्जन को निर्दोष मानते हुए जेल से रिहा करवा दिया। मामले की जांच कर रहे अधिकारियों की मानें तो सज्जन के परिजन अगर सबूत नहीं जुटा पाते तो सज्जन को लंबी जेल जाने से कोई नहीं रोक सकता था। सज्जन सिंह ने सितंबर-अक्टूबर 2000 में जिला गुड़गांव के वजीराबाद निवासी जयभगवान से जीप खरीदी थी। कुछ दिन बाद उसने यह जीप कागजातों के साथ गांव के सरपंच बलबीर सिंह को बेच दी। एक साल बाद ही गाड़ी की चपेट में आ जाने से गांव कंवाली के रामकुमार, हरिजन की मृत्यु हो गई। मृतक की विधवा रामकला ने कोर्ट में याचिका दायर कर दी।
कोर्ट ने रामकला के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए कागजातों के आधार पर जयभगवान, सज्जन व बलबीर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए। दयानंद को जांच अधिकारी बनाया गया। कार्रवाई में जयभगवान ने सज्जन सिंह को गाड़ी बेचने का प्रमाण पेश कर दिया। पुलिस ने कागजातों के आधार पर एक अगस्त 2007 को सज्जन को गिरफ्तार कर लिया। उस समय सज्जन गाड़ी से संबंधित कोई कागजात नहीं होने के कारण अपनी बेगुनाही को साबित नहीं कर पाया। पुलिस ने कोर्ट की अनुशंसा पर उसे जेल भेज दिया। सबूत एकत्र कर पेश करने में सज्जन के परिजनों को 44 दिन लग गए। 45 वें दिन उसे जेल से रिहा कर दिया गया।
राजनीति दबाव में नहीं पकड़ा मुख्य आरोपी को सज्जन सिंह का कहना है कि इस केस का मुख्य आरोपी व गांव के सरपंच बलबीर सिंह को पुलिस ने राजनीति दबाव में आकर गिरफ्तार नहीं किया। अगर उसे समय पर गिरफ्तार कर लिया जाता तो उसके पास गाड़ी के असली कागजात मिल जाते और वह जेल जाने से बच जाता। सज्जन ने बताया कि उसने खुद को निदरेष साबित करने के लिए पुलिस अधीक्षक से लेकर राज्य के महानिदेशक तक को पत्र लिखा, लेकिन किसी ने उसकी पीड़ा को नहीं सुना।
आरोपी जल्द ही जेल में होगा जांच अधिकारी दयानंद के मुताबिक इस पूरे मामले में सज्जन सिंह बेगुनाह था लेकिन वह समय पर सबूत पेश नहीं कर पाया। सबूत प्रमाणित होने के बाद पुलिस ने उसे केस से बाहर निकाल 14 सितंबर को रिहा करा दिया । उन्होंने बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी गांव लोहाना का सरपंच बलबीर सिंह को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उसके बेटे सतीश को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।