रेवाड़ीआगामी 2 अक्टूबर को वैश्य शिरोमणि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जंयती पर अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के तत्वावधान में सामाजिक समरसता पर आधारित एक राष्ट्रीय समारोह का आयोजन किया जाएगा। समारोह में वैश्य समाज द्वारा पहली बार दलित एवं पिछड़ा वर्ग को अपने साथ मिलाना सामाजिक व्यवस्था में एक मील का पत्थर साबित होगा।
महावर धर्मशाला में समाज के लोगों की बैठक को संबोधित करते हुए महासम्मेलन के जिला प्रधान डीपी गर्ग ने बताया कि हमारी प्राचीन वर्ण व्यवस्था में ब्राrाण, क्षत्रिय, वैश्य और दलित चार वर्ग निर्धारित किए गए थे। प्राचीन समय से ही दलित समाज की सहायता की है तथा उसका किसी भी क्षेत्र में विरोध नहीं किया। वैश्य समाज तथा दलित समाज की समरसता प्राचीनकाल से हो रही है तथा वैश्य समाज ने दलित समाज की हर संभव मदद की है।
राष्ट्रीय महासचिव उमेश अग्रवाल ने बताया कि गुड़गांव के लेजर वैली पार्क, सेक्टर 29 में आयोजित होने वाले इस समारोह की अध्यक्षता अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदा अग्रवाल करेंगे तथा आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक रवि शंकर महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
महासम्मेलन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष व भास्कर समूह के चेयरमैन रमेश अग्रवाल, गिरीश सांघी सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल, हरियाणा सरकार के अनेक मंत्री उपस्थित रहेंगे। बैठक में मुरारीलाल अग्रवाल, जिला महासचिव हरीश लोहिया, सतेंद्र प्रसाद, विनयशील गोयल, रत्नेश बंसल, अमित गुप्ता, सारिका खंडेलवाल मौजूद थे।कंचन गोयल, सरला डाटा अनेक सदस्य उपस्थित थे।