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कन्वर्शन की मियाद मार्च तक

चंडीगढ़ : इंडस्ट्रियल प्लॉटों को कमर्शियल में कन्वर्ट करने की मियाद प्रशासन ने मार्च 2008 तक बढ़ा दी है। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक जनरल (रिटायर्ड) एस. एफ. रोड्रिग्स ने इसे मंजूरी दे दी है।

चंडीगढ़ प्रशासन के एक सीनियर अफसर ने इसकी पुष्टि की है। प्रशासन ने 19 सितंबर 2005 को दो साल के लिए कन्वर्शन स्कीम बनाई थी।

इसकी मियाद 18 सितंबर 2007 को खत्म होने वाली थी। स्कीम का फीका रिस्पांस देखते हुए प्रशासन पहले ही यह कह चुका था कि स्कीम को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा और अगर जरूरत पड़ी तो नई स्कीम बनाई जा सकती है। इस बीच इंडस्ट्रियल एसोसिएशन्स की ओर से स्कीम को आगे बढ़ाने की मांग की जाती रही।

प्रशासन ने इनकी मांग को मंजूरी के लिए चंडीगढ़ के प्रशासक के पास भेज दिया था, जिसे मानते हुए 6 महीने की मोहलत और दी गई है।

11 नई एप्लीकेशन्स कन्वर्शन स्कीम का प्रशासन को बहुत अच्छा रिस्पांस नहीं मिला। दो साल में केवल 37 प्लॉट मालिकों ने ही कन्वर्शन के लिए एप्लाई किया। इनमें से एक विदड्रा हो गई, लेकिन बीते कुछ दिनों में 11 नई एप्लीकेशन्स आ र्गई। इनमें बड़े साइज के प्लॉट भी शामिल हैं।

इस बीच कन्वर्शन स्कीम का एक फायदा जरूर हुआ कि कन्वर्शन स्कीम आने के बाद इंडस्ट्रियल प्लॉट्स की डिमांड और कीमत दोनों कई गुना बढ़ गई। प्रॉपर्टी के जानकारों का कहना है कि अगर स्कीम की मियाद न बढ़ाई जाती तो इंडस्ट्रियल प्लॉटों की कीमत कहीं कम हो जाती।





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