नई दिल्ली.
जहां एक ओर रामसेतु के मुद्दे पर देश की राजनीति गरमाई हुई है वहीं दूसरी ओर मैनेजमेंट कोर्स में राम और भरत वार्तालाप को शामिल किया जा रहा है।
राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान ने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और मैनेजमेंट कोर्स में राम के वनवास प्रसंग का उल्लेख किया है। इसी दौरान राम को वापस अयोध्या लौटाने के लिए भरत भी वन में गए थे और दोनों भाईयों के बीच बातचीत हुई थी।
इस कोर्स में महाभारत में वर्णित भीष्म और युधिष्ठर का संवाद भी शामिल किया गया है।
राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के वाइस चांसलर वी कुटुंबशास्त्री ने बताया कि भगवान राम द्वारा भरत को एक अच्छे राजा के रूप में काम करने के लिए दिए गए उपदेशों को समसामयिक संदर्भो से जोड़कर इस कोर्स को तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि महाभारत के प्रसंग भी इसमें जोड़े गए हैं और यह पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और मैनेजमेंट के तहत पढ़ाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राम और भरत के वार्तालाप के दौरान करीब 400 ऐसे सवालों के जवाब दिए गए जो शासन के सिद्धांतों से जुड़े हुए हैं।
इन सवालों में एक अच्छे शासन के साथ ही लोक शिकायतों को निपटारा किस तरह से किया जाए, जैसे सवालों के जवाब दिए गए हैं।
कुटुंबशास्त्री ने बताया कि इस पूरी बातचीत में समसामयिक प्रशासन और उससे जुड़ी समस्याओं के समाधान के बारे ढेर सारी जानकारियां मौजूद हैं।