न्यूयार्क.
अंतराष्ट्रीय ड्रग कंपनी मर्क जो कि एड्स से बचाव के लिए टीके बनाने का प्रयास कर रही थी, उसने अपने प्रयोगो को बंद करने की घोषणा की है । एड़स के खिलाफ जारी जंग में एक बड़ा धक्का लग गया है, मर्क दवा कंपनी के द्वारा किए जा रहे प्रयोगों से वैज्ञानिक समुदाय काफी उम्मीद लगाए हुए थे। तमाम संभावनावों को उस वक्त झटका लगा जब दवा निर्माता कंपनी मर्क ने यह पाया कि एड्स की रोकथाम में यह टीका कारगर नही है तो उसने अपने इस प्रयोग को रोकने का फैसला कर लिया है।
कैसे शुरू हुआ था अभियान करीब तीन साल पहले शुरू हुए इस अभियान को स्टेप का नाम दिया गया था और इस अभियान में लगभग 3000 लोगों ने स्वेच्छापूर्वक इस अभियान में भाग लिया था। प्रारंभ में इन 3000 लोगो में से कोई भी एड्स से ग्रसित नहीं था। हालांकि इनमें से अधिकांश होमोसेक्सुअल वर्कर थे या फिर फीमेल सेक्स वर्कर थे और मर्क कंपनी के अनुसार ने सभी एड्स से जुड़े खतरों को कम किए जाने में अपना योगदान देना चाहते थे इसलिए वे स्वेच्छापूर्वक इस अभियान से जुड़े थे।
इन लोगों पर जब इस प्रयोग को किया गया, तो इनमें से कुछ लोग एचआईवी से पीड़ित पाए गए जिसके बाद स्वतंत्र निरीक्षकों ने प्रयोग की जांच की और पाया कि ये प्रयोग सफल नहीं होंगे। अब इस प्रोजेक्ट को बंद करने का फैसला किया गया है।
ट्रायल नेटवर्क की प्रवक्ता सारा अलेक्जेंडर ने कहा है कि यह दिन दवा उद्योग के लिए बहुत ही दु:ख भरी बात है क्योंकि मर्क की इस टीके से इस बात की झलक मिली थी जिसके अनुसार शरीर का प्रतिरक्षी तंत्र फिर जीवित हो उठता है और कार्य करने लगता है, लेकिन प्रयोग की असफलता से हमें बड़ा धक्का लगा है।