नई दिल्ली. वीएचपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व बीजेपी सांसद राम विलास वेदांती ने कहा है कि जो तमिलनाडु के मुख्यमंत्री करुणानिधि का सिर कलम करेगा और उनकी जुबान काटेगा, उसे साधु-संत सोने से तौलेंगे।
शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में वेदांती ने यह घोषणा की है। हाल में रामसेतु का विरोध करते हुए करुणानिधि ने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाया था और कहा था कि राम काल्पनिक हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि राम पियक्कड़ थे। वेदांती ने कहा कि हम अपनी धार्मिक परंपराओं को मानेंगे और दुनिया की कोई भी ताकत हमें रोक नहीं सकती। उन्होंने बताया कि हम करुणानिधि के खिलाफ अयोध्या में मुकदमा दायर करेंगे।
वेदांती के इस बयान का उत्तर प्रदेश बीजेपी और वीएचपी ने भी समर्थन किया है। बीजेपी के यूपी प्रवक्ता हृदयनारायण दीक्षित का कहना है कि करुणानिधि ने भगवान राम के अस्तित्व पर सवालिया निशान लगा दिया है और इस बारे में वेदांती ने जो कहा है, वह सिर्फ उनका ही नहीं, करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को प्रदर्शित करता है। हालांकि वीएचपी के संगठन सचिव त्रिलोकजी का कहना है कि वेदांती के वक्तव्य को उन्होंने सुना नहीं है। लेकिन वेदांती करुणानिधि के बारे में कुछ कहते हैं, तो उन्हें कोई ऐतराज नहीं है।
वीएचपी नेता विष्णु हरि डालमिया ने गोरखपुर में कहा कि यूपीए सरकार बहुसंख्यक समुदाय की धार्मिक भावनाओं की अनदेखी कर रही है। उनका कहना था कि राम सेतु एक विशेष प्रकार की संरचना है और यह साबित हो गया है कि यह आदमी का बनाया हुआ नहीं है। डालमिया ने करुणानिधि और बीजेपी दोनों की खिंचाई की।
वीएचपी बयान से असहमत
वीएचपी ने रामविलास वेदांती के बयान से असहमति जताई है जिसमें उन्होंने करुणानिधि का सिर और जबान लाने वाले को सोने से तौलने की बात कही थी। वीएचपी के सचिव ओंकार भावे ने बीजेपी के पूर्व सांसद रामविलास वेदांती द्वारा रामसेतु मामले में एम. करुणानिधि के खिलाफ जारी किए गए फतवे से असहमति जताते हुए कहा है कि रामसेतु आंदोलन साधु-संतों का आंदोलन है जो शांतिपूर्वक चलेगा।
भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान भावे ने कहा कि वेदांती का यह कहना कि भगवान राम के अस्तित्व की नकारने वाले करुणानिधि का सिर और जीभ काटने वाले को पुरस्कार में सोना दिया जाएगा, साधु-संतों के आचरण और सोच के विपरीत है। इधर, बीजेपी के राष्ट्रीय उपाघ्यक्ष कल्याण सिंह का कहना है कि भगवान राम भारत के कण कण में बसे हैं इसलिए उनका अस्तित्व नकारा नहीं जा सकता।