चेन्नई. पूर्व सांसद राम विलास वेदांती द्वारा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के खिलाफ दिए गए कथित फतवे से द्रमुक कार्यकर्ता भड़क उठे हैं लेकिन विश्व हिंदू परिषद ने वेदांती के फतवे से अपना पल्ला झाड़ लिया है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के खिलाफ पूर्व सांसद राम विलास वेदांती के कथित फतवे के बाद द्रमुक नेता व कार्यकर्ता भड़क उठे हैं। द्रमुक के वरिष्ठ नेता आर्कट एन वीरासामी ने शनिवार को कहा कि अगर वेदांती अपनी टिप्पणी वापस नहीं लेते तो वे तमिलनाडु में भाजपा कार्यालयों के आगे काले झंडों के साथ प्रदर्शन करेंगे।
वीरासामी ने कहा कि अगर कोई कहता है कि किसी मंत्री को ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए तो मैं मंत्री पद छोड़ दूंगा क्योंकि हमारे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं है। राज्य के बिजली मंत्री सामी ने दावा किया कि वेदांती ने कहा है कि करुणानिधि की हत्या करने वाले व्यक्ति को अयोध्या के संत सोने से तौलेंगे। वीरासामी ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और तमिलनाडु उन लोगों की टिप्पणियों का जवाब देने को तैयार है जो धर्म का उपयोग कर राजनीति चला रहे हैं। दूसरी ओर, मामले के तूल पकड़ने के बाद विहिप ने कहा है कि वेदांती के फतवे से परिषद का कोई लेना-देना नहीं है।
उल्लेखनीय है कि विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता और पूर्व भाजपा संासद राम विलास वेदांती ने भगवान राम के खिलाफ करुणानिधि की कथित टिप्पणी पर शुक्रवार को अयोध्या में आपत्ति करते हुए ऐलान किया था कि करुणानिधि का सिर लाने वाले को धर्माचार्य सोने से तौलेंगे।