सिरसा.डेरामुखी संत गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ यहां की अदालत में दायर याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। दायर याचिका के तहत धार्मिक भावनाओं को भड़काने का आरोप लगाते हुए डेरा प्रमुख के खिलाफ मामला दर्ज करने की अपील की गई थी।
याचिका पर सोमवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आरके डोगरा की अदालत में दोनों पक्षों के वकीलों की तरफ से बहस हुई थी। इससे पहले बीते शनिवार को भी अदालत ने याचिका के मुख्य गवाह बख्शी सिंह पाठी की गवाही ली थी। न्यायाधीश ने मुख्य गवाह की गवाही सुनने के बाद याचिका पर दोबारा सुनवाई करने के लिए 17 सितंबर की तारीख निर्धारित कर दी थी।
तयशुदा तारीख के मुताबिक सोमवार को अदालत में बहस हुई। बहस के दौरान दोनों ओर से दलीलें प्रस्तुत की गई। मगर अदालत ने 22 सितंबर को बहस पर निर्णय देने का ऐलान कर दिया था। शनिवार को अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया।
गौरतलब है कि उक्त याचिका यहां की भगत सिंह कॉलोनी स्थित माता चानन कौर गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी मुख्तयार सिंह की शिकायत पर दायर हुई थी। याचिका में डेरामुखी पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने पंजाब के सलावतपुरा डेरा में गुरु गोबिंद सिंह जैसी पोशाक पहन कर डेरा प्रेमियों को जाम-ए-इंसां पिला कर सिखों की धार्मिक भावनाओं को भड़काया है। इसलिए डेरा मुखी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। मगर अदालत द्वारा याचिका खारिज किए जाने से इस मामले में डेरा मुखी को राहत मिली है।