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दरा अभयारण्य में सांभर का शिकार!

कोटा. दरा अभयारण्य में अबली मीणी महल के पीछे गुरुवार को बंदूक से सांभर के शिकार का मामला सामने आया है। बकरी चराने वाला एक शख्स वन विभाग के दरा नाके को इसकी सूचना देने पहुंचा, लेकिन वहां कोई कर्मचारी नहीं मिला। बाद में उसने इस घटना की जानकारी रेंज कार्यालय को दी।

घटना के प्रत्यक्षदर्शी मोड़ू गांव के रमेश गुर्जर ने गुरुवार को दरा अभयारण्य में अबली मीणी के महल के पीछे कोयला कुई इलाके में बंदूक से गोली चलने की आवाज सुनी। उसने मौके पर जाकर देखा तो गोली से घायल सांभर जमीन पर पड़ा तड़फ रहा था। ..शेष पेज 8 पर यह देखकर वह तुंरत वन विभाग के नाके पर सूचना देने के लिए भागा, लेकिन नाके पर उसे कोई कर्मचारी नहीं मिला। बाद में उसकी अकेले उस स्थान पर लौटने की हिम्मत नहीं हुई जहां की वह घटना बता रहा है।

घटना के अगले दिन शुक्रवार को रमेश गुर्जर ने दरा स्टेशन पर स्थित वन विभाग के रैंज ऑफिस में तैनात वनरक्षक धीरेन्द्र भाटिया को इसकी सूचना दी। भाटिया ने सुबह 10.30 बजे फॉरेस्टर राजेन्द्र विजय को इस बारे में फोन पर इत्तला दे दी। उन्होंने इसकी सूचना अपने अधिकारियों को देना मुनासिब नहीं समझा।

सभी कर्मचारी अपडाउनर्स
अभयारण्य के महत्वपूर्ण इस वन नाके पर फारेस्टर समेत सात कर्मचारियों का स्टाफ कार्यरत है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि नाके पर कभी-कभार ही कर्मचारी मिलते हैं। सभी कर्मचारी कोटा से रोजाना अपडाउन करते हैं।

पहले से थी शिकार की सूचना
वन विभाग के अधिकारियों को पूर्व में यह सूचना मिली थी कि अभयारण्य में शिकार हो सकता है। इस पर पिछले दो दिन से फ्लाइंग को मौके पर भेजा जा रहा था। फ्लाइंग शुक्रवार को कोयला कुई नामक स्थान पर भी गई थी, लेकिन वहां किसी ने इस प्रकार की जानकारी नहीं दी।

सुविधाओं का टोटा
अभयारण्य के वन नाके पर वायरलैस सेट काम नहीं कर रहा है। यहां एक मोटर साइकिल है। इसके अलावा कोई सुविधा नहीं है। नाके पर कोई हथियार भी नहीं है।

फोन अटैंड नहीं किया
फोरेस्टर राकेश विजय से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने मोबाइल फोन अटैंड ही नहीं किया। अभयारण्य के रैंजर जयसिंह का मोबाइल स्विच ऑफ मिला।

* इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। तफ्तीश कराएंगे। नाके पर कोई कर्मचारी था या नहीं, इस बारे में अलग से जांच होगी।
—अनिल कपूर उपवन संरक्षक, कोटा रेंज

* मुझे वनरक्षक ने सूचना दी थी। इस पर एक टीम वहां भेजी गई, टीम को मौके पर शिकार के निशान नहीं मिले, अब वे स्वयं रविवार को मौके पर जाकर स्थिति की जानकारी लेंगे।
—राजेन्द्र विजय, फोरेस्टर





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